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खापड़ गांव में बच्चे के साथ मारपीट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर किया एसपी आवास की तरफ कूच

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एसपी आवास की तरफ आंदोलनकारियों को जाने से रोकती पुलिस। - फोटो : Jind
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खापड़ गांव में लगभग 15 दिन पहले एक बच्चे पर चोरी का आरोप लगाकर मारपीट करने के मामले में पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ मारपीट व एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में अभी तक दो ही आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। बाकि नौ लोगों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लघु सचिवालय के बाहर रविवार को अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। धरना शुरू करने से पहले भीम आर्मी व अन्य संगठनों के बैनर के साथ लोग एसपी आवास की तरफ निकल पड़े। पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक लिया और एएसपी कुलदीप सिंह ने मौके पर पहुंचकर इनकी समस्या को सुना।
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धरने पर दोपहर बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भीम आर्मी व समाज के लोगों ने एसपी आवास पर जाकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। जिसकी सूचना पुलिस को मिलने पर आंदोलनकारियों को लघु सचिवालय के बाहर चौक पर पुलिस बल तैनात कर रोक लिया। काफी देर तक पुलिस व आंदोलनकारियों में तनाव रहा, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने धरना स्थल पर एसएसपी को बुलाने की मांग पर सहमति बनी। जिसके कुछ समय बाद नरवाना एएसपी कुलदीप सिंह पहुंचे और आंदोलनकारियों के साथ बातचीत की। इसमें आंदोलनकारियों ने एएसपी से आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग तो एएसपी ने मामले में अध्ययन करने के लिए एक दिन का समय मांगा और कहा कि वह मामले की पूरी तरह से जानकारी लेकर सभी दोषियों को गिरफ्तार करेंगे, लेकिन इस पर दिनेश खापड़ ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से उनको मामले की जानकारी लेने के नाम पर पुलिस प्रशासन गुमराह कर रहा है। इसके बावजूद दोनों पक्षों में बंद कमरे में बैठकर बात करने के मामले पर सहमति बनी।
दबाव में नहीं की जा रही गिरफ्तारी
आंदोलनकारियों ने कहा कि आरोपी सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ता हैं। इस कारण उन पर पुलिस कार्रवाई करने से पीछे हट रही है, लेकिन उनके समाज के लोग अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने कहा कि गांव में अन्य लोगों के दबाव के कारण लगभग 12 परिवारों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इस कारण वह गांव से पलायन करने की तैयारी में है। अगर आरोपियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो उनके समाज के लोगों को गांव से पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

एसपी आवास की तरफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए जाते आंदोलनकारी।- फोटो : Jind

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