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खटकड़ टोल पर महापंचायत में लिया फैसला 25 को जींद में प्रस्तावित भाजपा के कार्यक्रम का करेंगे विरोध

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खटकड़ टोल प्लाजा पर किसानों के धरने पर पहुंचे गुरनाम सिंह चढूनी। संवाद - फोटो : Jind
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खटकड़ टोल पर किसानों के धरने पर सर्व समाज सर्व खाप की महापंचायत हुई। मंगलवार को इस महापंचायत में भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी, रतन मान, अभिमन्यु कोहाड़ भी शामिल हुए। सांकेतिक भूख हड़ताल पर नफे सिंह बड़ौदी, जिले सिंह तारखां, सुमित घासो कलां, बलजोर बरसोला, मेवा सिंह मोहनगढ़ छापड़ा रहे। महापंचायत में सर्वसम्मति से छह फैसले लिए गए।
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25 अप्रैल को भाजपा और जजपा नेताओं के कार्यक्रम जींद में होते हैं तो किसान और मजदूर उसका बहिष्कार, विरोध करेंगे। यह कार्यक्रम भाजपा आयोजित न करें इसको लेकर किसान 21 अप्रैल को डीसी डॉ. आदित्य को ज्ञापन देंगे। किसानों ने मांग की कि किसी भी किसान की फसल किसी भी कारण से आग की भेंट चढ़ी है तो उसको मुआवजा सरकार दे। क्षतिपूर्ति कानून जो सरकार लेकर आई है उसको रद्द करे। सभी किसान, मजदूर अपने मकानों व वाहनों पर राजनीतिक दल का झंडा नहीं लगाएं, बल्कि किसान यूनियन का झंडा लगाएं। खाप पंचायत प्रतिनिधि किसानों के साथ टीम बनाकर गांव-गांव जाकर एक घर से एक व्यक्ति की दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में भागीदारी देने के लिए प्रेरित करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना संक्रमण के नाम पर अगर आंदोलन कर रहे किसानों के धरनों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ करती है तो कोई नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदार सरकार और प्रशासन की होगी। गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार की मंशा किसानों के खिलाफ है। जो सर्व समाज, सर्व खाप ने फैसले लिए हैं, उसके साथ किसान हैं। जो कृषि कानून हैं, वह खेती व किसान के विरोधी हैं। इन कानूनों पर सबसे पहली मार अगर पड़ेगी तो वह जरूरतमंद वर्ग पर पड़ेगी। इन कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर किसान चार महीने से दिल्ली बॉर्डर पर शांतिपूर्वक धरना दे रहे हैं। सरकार की मंशा कई बार जवान व किसान को लड़वाने की हो चुकी है। किसान आज अपना हक सरकार से मांग रहा है। किसानों को जब कृषि कानून नहीं चाहिए तो क्यों केंद्र सरकार लागू कर रही है।
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सतबीर पहलवान व आजाद पालवां ने कहा कि महापंचायत में सर्वसम्मति से फैसले हुए हैं कि 25 अप्रैल को भाजपा का प्रस्तावित कार्यक्रम अगर होता है तो इसका डटकर विरोध किया जाएगा। अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि अगर कृषि कानून किसानों के हित में हैं तो वह बहस के लिए तैयार हैं। केंद्र सरकार इन कानूनों पर खुले मंच से बहस कर बताए कि कैसे इन कानूनों से किसान को फायदा होगा। यह कानून सिर्फ पूंजीपतियों के लिए बनाए गए हैं। इन कानूनों से किसानों को फायदा नहीं होगा, बल्कि वह भूमिहीन हो जाएगा। इस मौके पर रघुबीर नैन, फकीर चंद, दिलबाग पिल्लुखेड़ा, टेकराम कंडेला, महेंद्र सिंह रढाल, सुमंद्र सिंह लाठर, सोमदत्त शर्मा, चंद्र चहल, कुलदीप ढांडा, सरजीत बड़ौदा, उदयवीर बरसोला, कुलदीप सरपंच, कविता सरपंच भी मौजूद रहे।
ऑपरेशन क्लीन के चक्कर में कहीं खुद ही क्लीन न हो जाए भाजपा : अभिमन्यु
गांव संडील में भगत धन्ना जाट की जयंती दादा खेड़ा पर हवन करके मनाई गई। इस मौके पर भंडारे का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकियू के ब्लॉक प्रधान गुरदेव सिंह ने की। इसमें किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ और गुरनाम सिंह चढूनी ने भी शिरकत की।
अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि भाजपा व आरएसएस वाले बोल रहे हैं कि ऑपरेशन क्लीन। लेकिन इन्हें यह नहीं पता कि किसानों को ऑपरेशन क्लीन करना इतना आसान नहीं है। ऑपरेशन क्लीन के चक्कर में यह लोग खुद क्लीन हो जाएंगे। यदि उन्होंने किसानों को छेड़ा तो भाजपा कभी सत्ता में नहीं आ पाएगी। सरकार धीरे-धीरे मंडियों को खत्म कर देगी। यदि मंडियां खत्म हो गईं तो एमएसपी नहीं मिलेगा। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे अपना गेहूं साइलो में लेकर नहीं जाएं। यह हमारी जमीन और जमीर की लड़ाई है। इससे तो अच्छा फिर हम लड़ते-लड़ते मर जाएं। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि फिर से हमें बॉर्डर पर हाजिरी बढ़ानी होगी। हमारा देश सोने की चिड़िया कहलाता था। लेकिन भाजपा ने उसे भुखमरी की कगार पर पहुंचा दिया है। यह कृषि सुधार कानून नहीं, खेती व्यापार कानून हैं। भविष्य में मशीनों से खेती होगी और मजदूरी के सभी काम बंद हो जाएंगे। इस देश की स्थिति ऐसी हो गई है, जिसको न तो भाजपा बचाएगी और न ही कांग्रेस बचाएगी। इसको बचाने के लिए किसान को खड़ा होना पड़ेगा और उसी की लड़ाई जारी है। उन्होंने कहा कि यह धर्म युद्ध है, इसमें हर व्यक्ति सहयोग करे। इस अवसर पर ब्लॉक प्रधान गुरदेव सिंह दुडाना, पूर्व सरपंच रामदिया अलेवा, राजेश संडील, अमित, अनिल भी मौजूद रहे।

गांव संडील में अभिमन्यु कोहाड़ और गुरनाम सिंह चढूनी का स्वागत करते ग्रामीण। संवाद- फोटो : Jind

खटकड़ टोल पर किसान महापंचायत को संबोधित करते अभिमन्यु कुहाड़। संवाद- फोटो : Jind

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