जिला परिषद जींद कार्यालय का फोटो जहां पर आज अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक होगी
जींद। तीन महीने से जिला परिषद चेयरपर्सन पद को लेकर चल रही उठापटक की आज खत्म होने की उम्मीद है। भाजपा से जुड़े पार्षदों ने चेयरपर्सन के खिलाफ तीन दिसंबर को अविश्वास प्रस्ताव डीसी को दिया था। इसके बाद तीन बार बैठक रद्द हो चुकी है। अब चेयरपर्सन ने भाजपा का पटका पहना है। इससे आशंका जताई जा रही है कि आज होने वाली बैठक रद्द नहीं होगी।
जिला परिषद चेयरपर्सन मनीषा रंधावा के खिलाफ 18 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव दिया था, लेकिन पहली बैठक में ही चेयरपर्सन ने विरोधी खेमे के पार्षदों में सेंधमारी की। इसके कारण अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली बैठक में विरोधी खेमा कमजोर पड़ गया। इसके डीसी के बैठक में शामिल नहीं होने पर बैठक रद्द कर दी गई। इस दौरान विरोधी खेमे ने भी बहुमत होने का दावा किया था। इसी तरह से तीन बैठक निर्धारित हुई, लेकिन किन्हीं कारणों से डीसी बैठक में शामिल नहीं हो पाए और बैठक रद्द होने का क्रम जारी रहा। अब चेयरपर्सन ने कुर्सी बचाने के लिए भाजपा के नेताओं से संपर्क कर भाजपा में शामिल हो गए। अब भाजपा से जुड़े पार्षदों का चेयरपर्सन पद प्राप्त करने का सपना अधूरा रहता नजर आ रहा है।
जिप चेयरमैन को नौ पार्षदों की जरूरत
जिला परिषद चेयरपर्सन को अविश्वास प्रस्ताव को जीतने के लिए नौ पार्षदाें की जरूरत है। इस बार कितने पार्षद अविश्वास प्रस्ताव में विरोध में वोट डालेंगे। यह दल बदलने के बाद नए समीकरण बनेंगे, क्योंकि जिस खेमे में अविश्वास प्रस्ताव डीसी को सौंपा था। इसमें अधिकतर भाजपा से जुड़े पार्षद थे, लेकिन अब स्थित उल्टी हो गई है।