27जेएनडी05: भोपाल में आयोजित प्रतियोगिता में रजत पदक के साथ अरूण पंचाल। स्रोत स्वयं
67वीं राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में शर्मा नगर निवासी अरूण पांचाल ने मूक बधिर वर्ग में रजत पदक जीता। उन्होंने 50 मीटर राइफल निशानेबाजी में अपने लक्ष्य को साधते हुए पदक जीता है। प्रतियोगिता राइफल एसोसिएशन के बैनर तले 15 से 31 दिसबंर तक भोपाल में आयोजित की गई थी। अरूण फिलहाल अंकित रंधावा के पास अभ्यास कर रहे हैं। वह शत-प्रतिशत मूक एवं बधिर है। उनके पिता रमेश कुमार शिक्षक हैं और माता लक्ष्मी देवी गृहणी हैं, जिन्होंने अपने बेटे की खेलों में रुचि देखते हुए उसको प्रोत्साहित किया।
रमेश कुमार ने बताया कि अरूण का सपना ओलंपिक तक पहुंचने का है। शत-प्रतिशत मूक बधिर होने के कारण अरूण पांचाल खुद को अकेला महसूस करने लग गया था, लेकिन निशानेबाजी को ही अपना दोस्त बनाने की सोची। दो-तीन वर्षों के अभ्यास के बाद तीरंदाजी में जिलास्तरीय और राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया। बाद में पता चला कि अंतरराष्ट्रीय मूक बधिर प्रतियोगिताओं में तीरंदाजी का खेल सूची में नहीं है। उसके बाद कोच अंकित रंधावा द्वारा प्रोत्साहित करने पर राइफल शूटिंग खेलने का निर्णय लिया। उसके बाद लगातार अपने लक्ष्य को निर्धारित करते हुए जिला और राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में फिर से प्रथम स्थान हासिल करके सबको चौंका दिया। अरूण पांचाल सामान्य बच्चों में भी अपनी जगह बनाते आया है। आगे उसका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मूक बधिर प्रतियोगिता में देश को गोल्ड दिलाना है। उन्होंने हरियाणा सरकार से अनुरोध किया है कि अरूण को भी आर्थिक सहायता देकर आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
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27जेएनडी05: भोपाल में आयोजित प्रतियोगिता में रजत पदक के साथ अरूण पंचाल। स्रोत स्वयं