डीसी विनय सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों को बरसाती मौसम शुरू होने से बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। डीसी ने सभी ड्रेनों, सीवरेज, नालों की सफाई आगामी 30 जून तक पूरी कर रिपोर्ट मांगी है। डीसी ने शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सीवरेज तथा नालों की सफाई के लिए एक शैडयूल तैयार करें और इसकी एक कॉपी संबंधित नगर पालिका व नगर परिषदों को भी भिजवा दें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ड्रेनों ,सीवरेज तथा नालों की सफाई के लिए जो समय सीमा निर्धारित की गई है, हर हाल में यह कार्य इस दौरान हो जाना चाहिए। उन्होंने सभी तीनों एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने उपमंडल का दौरा कर बाढ़ प्रबंधों का निरीक्षण करें। निरीक्षण उपरांत रिपोर्ट भी भिजवाना सुनिश्चित करें। डीसी ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को जिला में प्रयोग से बाहर हो चुके कुओं की सूची तैयार करके उन्हें मिट्टी से भरवाने के लिए ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव पारित करवाने के आदेश दिए।
एडीसी आमना तस्नीम ने डीसी को बताया कि जिला में मनरेगा योजना के तहत 63 तालाबों की खुदाई करवाई जानी है, जिनमें से 43 तालाबों की खुदाई का कार्य शुरू करवा दिया गया है। शेष तालाबों की खुदाई का कार्य आगामी एक दो दिन में शुरू करवा दिया जाएगा। इस पर डीसी ने कहा कि ग्राम पंचायतों की सहमति से प्रयोग से बाहर हो चुके कुओं में मिट्टी भरत का काम भी मनरेगा योजना के तहत ही करवाएं, ताकि तालाब खुदाई से निकलने वाली मिट्टी का सदुपयोग हो सके। बैठक में एडीसी आमना तस्नीम, नरवाना के एसडीएम बीर सिंह, जींद के एसडीएम योगेश कुमार मेहता समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
सीवरेज प्वाइंटों पर लगाई जाएंगी जालियां
डीसी ने कहा कि पोलीथिन प्रवेश कर जाने से अक्सर सीवरेज ब्लाक हो जाते है। इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए जिन प्वाईंटों पर नाले सीवरेज से जुड़ते है, उन प्वाइंटों पर जालियां लगवाना सुनिश्चित करें। नगरपालिका व नगरपरिषद के अधिकारियों ने कहा कि इस कार्य के लिए वे जन स्वास्थ्य विभाग को बजट उपलब्ध करवा सकते हैं। इस पर डीसी ने का कि जन स्वास्थ्य विभाग जल्द एक प्लान तैयार कर जालियां लगवाने के काम को पूर्ण करवाएं।