राजकीय महाविद्यालय में रंजिश के चलते दो प्राध्यापकों के बीच में जमकर घमासान हुआ और दोनों ही गुटों में जमकर लात घुसे और डंडे चले। इसमें एक प्राध्यापक और दूसरे प्राध्यापक के बेटे को गंभीर चोट आई है। कॉलेज में झगड़े की सूचना पाकर शहर थाना प्रभारी रामकुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले को शांत करके घायलों को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। नागरिक अस्पताल में दाखिल होने के बाद वहां पर फिर से तनातनी का माहौल बन गया। दोनों ही गुटों ने एक-दूसरे पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। शहर थाना पुलिस बयान दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार राजकीय महाविद्यालय में हिंदी विषय के प्राध्यापक अनूप मोर और कॉलेज से भ्रष्टाचार के आरोप में सस्पेंड हुए सुभाष दुग्गल शुक्रवार दोपहर को आमने-सामने हो गए। देखते ही देखते मारपीट की नौबत आ गई और इस दौरान प्राध्यापक सुभाष दुग्गल ने अपने बेटे अशुंमन, भाई को कॉलेज में बुला लिया। इसके बाद दोनों ही गुटों में जमकर लात घुसे और डंडे चले। लगभग आधा घंटे तक दोनों ही गुटों में झगड़ा होता रहा और कॉलेज में हड़कंप की स्थिति बन गई। मामला बिगड़ता देखकर कॉलेज प्रशासन ने इसकी सूचना शहर थाना पुलिस को दी गई। बाद में शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत किया। इस दौरान हमले में घायल हुए अनूप मोर और सुभाष दुग्गल के घायल हुए बेटे अशुंमन को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जब घायलों को एक्सरे करवाने के लिए रूम में लेकर गए तो वहां फिर से तनातनी की स्थिति बन गई, लेकिन बाद में पुलिस ने एक्सरे रूम से एक गुट को बाहर निकाला और एक-एक करके उनके एक्सरे करवाए। नागरिक अस्पताल में दोनों को प्राथमिक उपचार देने के बाद पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। शहर थाना पुलिस दोनों गुटों के बयान दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
नकल कराने के नाम पर रुपयों के लेनदेन का था मामला
घायल प्राध्यापक अनूप मोर ने आरोप लगाया कि उसने पहले राजकीय कॉलेज में कार्यरत प्राध्यापक सुभाष दुग्गल को लगभग दो साल पहले विद्यार्थियों से नकल करवाने के नाम पर रुपये लेने के मामला आया था। विभाग ने जांच के बाद प्राध्यापक सुभाष दुग्गल को सस्पेंड कर दिया था। उसके बाद से सुभाष दुग्गल उसके साथ रंजिश रखता था और बृहस्पतिवार को भी सुभाष दुग्गल ने उसे धमकी दी थी। हमले की आशंका के चलते उसने सुबह ही पुलिस को इसके बारे में अवगत करवाया था। सुबह पुलिस की गाड़ी कॉलेज पहुंच गई, लेकिन कॉलेज की छुट्टी से पहले ही पुलिस वहां से चली गई और उसी का मौका पाकर सुभाष दुग्गल ने अपने बेटे, भाई तथा अन्य लोगों को बुलाकर उस पर जानलेवा हमला करवा दिया। उसने आरोप लगाया कि सुभाष दुग्गल किसी कार्य के लिए कॉलेज नहीं आया था, क्योंकि प्राध्यापक सुभाष दुग्गल पहले ही सस्पेंड हो चुके है, ऐसे में उनको कॉलेज में क्या काम हो सकता है।
कॉलेज में पहुंचते ही किया हमला
प्राध्यापक सुभाष दुग्गल ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को किसी कार्य के लिए राजकीय कॉलेज गया था। इसी दौरान कॉलेज में कार्यरत प्राध्यापक अनूप मोर ने उसका रास्ता रोक लिया और उस पर हमला कर दिया। इसके बाद हमला होता देखकर अपने बेटे को कॅालेज में बुला लिया। उसके बाद अनूप मोर ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उन पर हमला कर दिया। इसमें उसका बेटा घायल हो गया।
कॉलेज प्राचार्य रविंद्र हुड्डा ने बताया कि दोनों ही प्राध्यापकों में पुरानी रंजिश चली आ रही है और उसी के चलते यह झगड़ा हुआ है। झगड़े की सूचना तुरंत ही पुलिस को दे दी गई थी।
शहर थाना प्रभारी रामकुमार ने बताया कि घायलों के बयान दर्ज किए जाएंगे और जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।