जींद। जिला में मानसून सीजन के दृष्टिगत जलभराव की समस्या से बचाव के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने वीरवार को लघु सचिवालय सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने निर्देश देते हुए कहा कि जिला में सभी ड्रेनों, नालों और जल निकासी तंत्र की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और जहां भी अवरोध या समस्या पाई गई है उसका तत्काल प्रभाव से समाधान किया जाए।
डीसी ने कहा कि जल निकासी व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में जलभराव की समस्या सामने आती है और उसमें लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सभी सड़कों पर जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने, गांवों के जोहड़ों एवं नालों की नियमित सफाई कराने और रोड साइड ड्रेनों की सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले की संवेदनशील इमारतों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, थिएटर, स्कूलों एवं कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया जाए।
वहां अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्य शीलता की जांच की जाए तथा आपातकालीन निकास मार्गों से किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर एसडीएम सत्यवान मान, सीटीएम मोनिका रानी, डीआरओ राजकुमार, ईओ ऋषिकेश मौजूद रहे।
इससे पहले हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों एवं अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मानसून प्रबंधन, जल निकासी व्यवस्था तथा आगजनी जैसी संभावित घटनाओं से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
एमआर सिनेमा का किया निरीक्षण
डीसी के निर्देशों की अनुपालना में ईओ ऋषिकेश द्वारा एमआर सिनेमा का तत्काल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थिति तथा आपातकालीन निकास मार्गों की जांच की गई।