नागरिक अस्पताल की पंजीकरण खिड़की पर लोगों की लगी भीड़। संवाद
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बेशक जींद में कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन नागरिक अस्पताल में उमड़ने वाली भीड़ कोरोना संक्रमण को दावत दे रही है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका दो देखते हुए स्वास्थ्य विभाग इस भीड़ को रोकने के लिए कोई कठोर कदम नहीं उठा रहा है। यदि इसी प्रकार भीड़ जुटती रही तो तीसरी लहर में काफी नुकसान हो सकता है।
वीरवार को स्वास्थ्य विभाग को 584 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट मिली। इनमें से किसी भी व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई। जिले में अब तक 21189 लोग संक्रमित हो चुके हैं। जबकि 20651 लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक 536 लोगों की मौत हो चुकी है। इस समय जिले में केवल दो एक्टिव मामले बचे हैं। देश में विशेषज्ञों के अनुसार तीसरी लहर की शुरुआत हो चुकी है या फिर कभी भी हो सकती है। इसलिए लोगों को अधिक सावधान रहने की जरूरत है। लेकिन नागरिक अस्पताल में आने वाले लोग न तो मास्क लगाते हैं और न ही शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हैं। हालांकि अस्पताल की दीवारों पर बिना मास्क के अस्पताल के अंदर घुसने पर पाबंदी लगाई हुई है लिखा मिल जाएगा। लेकिन इनको रोकने वाला कोई नहीं है। लोग बिना मास्क अस्पताल में घूमते देखे जा सकते हैं। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन खिड़की, दवाई खिड़की तथा चिकित्सकों की ओपीडी के बाहर लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लगी देखी जा सकती है। यह लोग दूर-दूर खड़े नहीं होते बल्कि एक-दूसरे से चिपक कर खड़े होते हैं। इनको दूरी बनाए रखने के लिए कहने वाला यहां कोई नहीं है। हालांकि अस्पताल में सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं लेकिन यह लोग भी बार-बार लोगों को कहकर थक चुके हैं। अस्पताल में आने वाले लोग इनकी कोई परवाह नहीं करते हैं। यदि अस्पताल प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई तो तीसरी लहर की शुरुआत नागरिक अस्पताल से ही हो सकती है।
अस्पताल में आने वाले मरीजों तथा उनके तीमारदारों को शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने के लिए बार-बार कहा जाता है। कुछ लोग सिक्योरिटी गार्ड से झगड़ा भी कर लेते हैं लेकिन मास्क व शारीरिक दूरी के नियम का पालन नहीं करते। लोगों को कोरोना की तीसरी लहर से बचना है तो नियमों का पालन करना होगा। शुक्रवार से अस्पताल में और अधिक सिक्योरिटी गार्ड को लगाकर लोगों के बीच दूरी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।