जींद। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी भारी संख्या में ग्रुप डी के तहत चयनित अभ्यार्थियों को नौकरी के लिए जरूरी मेडिकल करवाने के लिए पहुंचे। यहां फीस कटवाने से लेकर चिकित्सा अधिकारियों के हस्ताक्षर करवाने तक लंबी-लंबी लाइनें लगी रही।
पूरा दिन उमस भरी गर्मी के बीच अस्पताल में अफरा-तफरी भरा माहौल रहा। लगभग 150 से अधिक अभ्यार्थियों के मेडिकल प्रक्रिया पूरी कर प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए हैं। दो दिन से लगातार चयनित अभ्यार्थियों का शारीरिक परीक्षण करके उनके प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं।
पर्ची सिस्टम व पांच-पांच अभ्यार्थी को बुलाकर मेडिकल फाॅर्म जमा करवाने की प्रक्रिया को पूरा करवाया गया। दिनभर सीएमओ कार्यालय के पास अभ्यार्थियों का जमावड़ा लगा रहा। चिकित्सकों की स्पेशल ड्यूटी लगाई गई है। काफी संख्या में युवा कभी इस कमरे की तरफ तो कभी उस कमरे की तरफ आते-जाते देखे गए।
अभ्यार्थियों की संख्या और भीड़ को देखते हुए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने मिल कर मोर्चा संभाला और व्यवस्था बनाने का प्रयास किया। चिकित्सकों ने युवाओं का शारीरिक परीक्षण किया और उनके मेडिकल फि टनेस प्रमाण पत्र जारी किए।
मेडिकल के लिए पूरा पैनल बैठा रहा और मेडिकल बोर्ड द्वारा अभ्यार्थियों का शारीरिक परीक्षण किया गया। सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली, डिप्टी सीएमओ डॉ. रमेश पांचाल भी व्यवस्था बनाने को लेकर निरीक्षण करते रहे।
नागरिक अस्पताल के एक्स रे व ईसीजी कक्ष के बाहर ग्रुप डी में चयनित अभ्यार्थी धक्का-मुक्की करते रहे। इसके बाद हड्डी रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, डिप्टी एमएस के कमरों के बाहर भी लंबी लाइनें रहीं। चयनित अभ्यार्थियों की धक्का-मुक्की को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्वयं कमान संभाली और शांति से मेडिकल प्रक्रिया पूरा करवाने के दिशा निर्देश दिए।
मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीएमओ कार्यालय पर अभ्यार्थियों की भारी भीड़ मेडिकल फाॅर्म जमा करवाने को लेकर लग गई। इस पर पुलिसकर्मियों व स्वास्थ्यकर्मियों ने मोर्चा संभाला।
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लंबी मेडिकल प्रक्रिया के चलते आ रही है परेशानी, धैर्य से लें काम
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने बताया कि मेडिकल प्रक्रिया लंबी है। सबसे पहले ओपीडी की स्लिप कटवानी होती है। इसके बाद फिजिशियन रक्त जांच और यूरीन टेस्ट लिखते हैं। इसके बाद लैब में चयनित अभ्यार्थी को सैंपल देने होते हैं। सैंपल देने के बाद ईएनटी, नेत्र चिकित्सक, सर्जन से मेडिकल जांच करवाता है। सैंपल रिपोर्ट के बाद फिजिशियन रिपोर्ट देता है। सभी चिकित्सकों के हस्ताक्षर के बाद डिप्टी एमएस व फिर सीएमओ द्वारा हस्ताक्षर किए जाते हैं। रिकॉर्ड दर्ज करने के बाद मेडिकल की प्रति आवेदक को दे दी जाती है।