हरियाणा के जींद में रामराये गांव में एक व्यक्ति द्वारा आजिविका मिशन के तहत काम करने वाली महिला के साथ मारपीट की गई और उसके कपड़े फाड़े गए। अभी आरोपी के खिलाफ केस दर्ज नहीं हुआ है। इस घटना के विरोध में शनिवार को जिले भर में कई स्थानों पर मिशन के तहत काम करने वाली महिलाओं ने जाम लगाया।
जिसके चलते बीबीपुर, गतौली, रामराये, जींद के सीआईए पुल के पास, हैबतपुर, नगूरां, पिंडारा पुल के नीचे, अलेवा ढाठरथ रोड पर जाम लगाने से घंटों तक यातायात बाधित रहा। जिसके चलते तेज धूप में वाहन चालकों व राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने जाकर जाम खुलवाया और महिला के साथ मारपीट करने वाले व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई करने आश्वासन दिया। पुलिस ने 50 महिलाओं को नामजद कर 150 महिलाओं पर रास्ता रोककर आवागमन बाधित करने के आरोप में मामले दर्ज कर जांच शुरू की है।
आजीविका मिशन की प्रधान मीना ने बताया कि उनकी एक कर्मचारी के साथ शुक्रवार को रामराये गांव में एक व्यक्ति के द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। महिला कर्मचारी के साथ गाली गलौज भी की गई। यहां तक की कपड़े फाड़ने के भी आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार आजीविका मिशन में काम करने वाली एक महिला रामराय गांव में अपने समूह की दूसरी महिला के पास गई थी।
इस दौरान रामराय गांव निवासी एक व्यक्ति ने उसके साथ झगड़ा शुरू कर दिया। इसी विवाद में आरोपी ने महिला के कपड़े फाड़ दिए। अभी आरोपी के खिलाफ केस दर्ज नहीं हुआ है। मामले की पुलिस जांच कर रही है। मिशन की महिलाओं की मांग है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि पीड़ित महिला को न्याय मिल सके। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम लगा रही महिलाओं को आरोपी पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम को खुलवाया।
एंबुलेंस को दिया रास्ता, धूप में लगी रही वाहनों की कतार
महिलाओं ने एक बजे जींद रोहतक मार्ग को गतौली माइनर, बीबीपुर, रामराये समेत अन्य कई स्थानों पर सड़क को जाम कर दिया। रोड वन वे होने के कारण सड़क के दोनों ओर लगभग दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम के दौरान रोहतक की ओर से एक एंबुलेंस गाड़ी आई तो महिलाओं ने रास्ता दे दिया लेकिन जाम में अन्य वाहन फंसे रहे।
जिसमें गर्मी में बच्चों और महिलाओं को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। महिलाओं के आगे वाहन चालक मिन्नते करते रहे, लेकिन महिलाएं नही मानी और जाम को नहीं खोला लेकिन पुलिस के आश्वासन के बाद महिलाओं ने जाम को खोल दिया।
आवागमन बाधित करने के आरोप में दर्ज किया गया है केस
आजीविका मिशन के तहत काम करने वाली महिलाओं द्वारा शनिवार को विभिन्न स्थानों पर रास्ता रोककर आवागमन बाधित करने के आरोप में सदर थाना, सिविल लाइन थाना, जुलाना थाना, अलेवा थाना, पिल्लूखेड़ा थाना में 50 महिलाओं को नाजमद कर 150 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें पिंडारा पुल के नीचे रास्ता रोकने पर सुनीता, डिंपल, रीना, संगीता, जमीला को नामजद तथा 15 अन्य, गोहाना रोड बाइपास पर रास्ता रोकने के आरोप में सुदेश, निर्मल, महिंद्रो, प्रेम, शोभा, राजकोर, सुषमा, संतरो, कमलेश, सुनीता, कविता, मंजू व कृष्णा तथा 10 अन्य के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज हुआ है। इसके अलावा सदर थाना प्रभारी दिनेश ने बताया कि उनके थाना क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर रास्ता बाधित करने के आरोप में 25 को नामजद तथा 50 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसके अलावा अलेवा, पिल्लूखेड़ा व जुलाना थाने में भी महिलाओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए।
महिलाओं ने रामराये, बीबीपुर, गतौली, सीआईए थाना व गतौली गांव के पास जाम लगा दिया था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने महिलाओं को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम को खुलवा दिया है। - दिनेश कुमार सदर थाना प्रभारी जींद।
सफीदों में सफीदों-पानीपत मार्ग पर भी लगाया जाम
सफीदों। गांव रामराय में स्वयं सहायता समूह की एक महिला कार्यकर्ता के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में शनिवार को गांव करसिंधु के पास स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने सफीदों-पानीपत सडक़ मार्ग को जाम कर दिया। जाम के कारण सड़क के दोनों और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सदर थाना के सब इंस्पेक्टर अंकुश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और महिलाओं को समझाया। लगभग एक घंटे बाद महिलाओं ने जाम खोला। महिलाओं ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।