हरियाणा के जींद में स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने छात्राओं के लिए मुफ्त चलाई गई बसों के बिल पास करने की एवज में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पाजू कलां के प्राचार्य को 50 हजार तथा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सफीदों के प्राचार्य को 55 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथो काबू किया है। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपियों के भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामले दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है।
गांव मुआना निवासी पिंटू ने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को दी शिकायत में बताया था कि सरकार द्वारा छात्राओं के लिए मुफ्त बस चलाई हुई है। इस बस के मार्च से अगस्त तक का लगभग साढ़े 14 लाख रुपये बिल बना हुआ था। इसको पास करवाने के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पाजू कलां का प्राचार्य दलबीर 50 हजार रुपये की मांग कर रहा है।
वहीं, सफीदों निवासी कुलदीप ने भी फ्री छात्रा बस के सितंबर से अब तक के बिल पास करवाने थे। उसका यह बिल लगभग 12 लाख रुपये का बना था। इस योजना के तहत बिल पास करने की एवज में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सफीदों के प्राचार्य रमेश 55 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है।
शिकायतों के आधार पर पाजू कलां स्कूल पर छापा मारने के लिए निरीक्षक मनीष कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। वहीं राजकीय वरिष्ठ कन्या स्कूल सफीदों के लिए करनाल के निरीक्षक नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। शिकायतकर्ताओं को ड्यूटी मजिस्ट्रेटों द्वारा हस्ताक्षर तथा पाउडर लगाकर राशि को दे दिया गया।
निरीक्षक मनीष कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पाजू कलां के प्राचार्य को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू कर लिया। वहीं करनाल के निरीक्षक नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सफीदों के प्राचार्य रमेश को 55 हजार रुपये रिश्वत लेते काबू कर लिया। दोनों के हाथ धुलवाए जाने पर उनका रंग लाल हो गया।
अलग-अलग टीमों द्वारा दो स्कूल प्राचार्यों को बसों के बिल पास करने की एवज में रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है।
- मनीष कुमार, निरीक्षक, स्टेट विजिलेंस ब्यूरो