हरियाणा के जींद के गांव करेला से 14 अगस्त को लापता हुए सुमित का शव 42 दिन बाद रोहतक जिले के गांव समरगोपालपुर के पास मिला है। पुलिस को सुमित का कंकाल मिला है। सुमित घर से फैक्टरी में काम करने के लिए निकला था, लेकिन वह मोनू के पास फैक्टरी के पीछे झाड़ियों में चला गया। जहां पर मोनू शराब पी रहा था। इस दौरान दोनों के बीच किसी महिला को लेकर विवाद हो गया। इसमें मोनू ने सुमित की गला दबाकर हत्या कर दी। मोनू पर पहले भी हत्या का मामला दर्ज है। वह आठ साल बाद जेल से बाहर जमानत पर आया हुआ था।
जानकारी के अनुसार सुमित जिस फैक्टरी में काम करता था। उस फैक्टरी में एक महिला भी काम करती थी। इस महिला ने ही सुमित को पीजीआई रोहतक में बुलाया था। उस दौरान वहां पर मोनू भी आया था। दोनों की किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद मोनू समरगोपालपुर स्थित फैक्टरी के पीछे झाड़ियों में शराब पी रहा था। वहां पर सुमित भी पहुंच गया दोनों में विवाद बढ़ गया। इस दौरान मोनू ने सुमित की गला दबाकर हत्या कर दी।
सुमित की भाभी भी उसी फैक्टरी में काम करती थी। जिस महिला को लेकर विवाद हुआ वह उसकी भी जानकार थी। अब पुलिस ने मोनू की निशानदेही पर पुलिस को सुमित का कंकाल बरामद किया है। कंकाल के पास सुमित का बैग व कपड़े भी मिले हैं। जुलाना थाना प्रभारी ने बताया कि सुमित के साथ आरोपी मोनू की पहली बार मुलाकात हुई थी। इस दौरान उसने किसी बात को लेकर हुए विवाद में गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस आरोपी से फिलहाल पूछताछ कर रही है।
यह था मामला
इस मामले में घटना के चार दिन बीतने के बाद विधायक विनेश के सामने परिजनों ने इस मामले को उठाया तो विधायक ने थाना प्रभारी से बात की तो वह संतुष्ट नहीं हुई और थाना प्रभारी पर शराब पीने के आरोप लगा दिए, हालांकि यह मामला पूरी तरह से गरमा गया था। इसके बाद परिजनों ने एसपी कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर सुमित की तलाश करवाने की मांग की। इस पर एसपी ने उस समय चार दिन का समय परिजनों से मांगा था। इसके बावजूद भी पुलिस सुमित का कोई सुराग नहीं लगा सकी। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया।