हरियाणा के जींद में जुलाना के वार्ड चार से पांच दिन पहले 580 ग्राम गांजे के साथ पकड़े गए युवक पप्पी की पीजीआई रोहतक में मौत हो गई। पप्पी को 14 अप्रैल को अदालत के आदेश पर जेल भेजा गया था। जिसके चलते वहां पर उसकी तबीयत बिगड़ गई और जेल प्रशासन ने युवक को इलाज के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालात को देखते हुए रविवार को पीजीआई रोहतक रेेफर कर दिया। जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर यातनाएं देने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस व जेल प्रशासन इस प्रकार के आरोपों से इनकार कर रहे हैं।
युवक के परिजनों ने कहा कि पुलिस ने हिरासत के दौरान उसकी ज्यादा पिटाई की। जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। रविवार को ज्यादा तबीयत खराब होने के बाद नागरिक अस्पताल जींद में दाखिल करवाया गया था, जहां पर उसकी गंभीर स्थित देखकर उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। हालांकि परिजन इस मामले की न्यायकि जांच की मांग की है।
अनाज मंडी पुलिस चौकी को 13 अप्रैल को सूचना मिली थी कि वार्ड चार निवासी पप्पी नशीले पदार्थ बेचने का काम करता है और फिलहाल वार्ड की चौपाल के पास नशीले पदार्थ लेकर खड़ा हुआ है। इसके बाद पुलिस ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन दलबीर दलाल को बुलाकर मौके पर छापा मारा।
जहां पर आरोपी को पुलिस ने पकड़ कर तलाशी ली तो उसके पास पॉलिथीन में लिया गया 580 ग्राम गांजा बरामद हुआ था। पुलिस ने उस समय पप्पी को गिरफ्तार कर लिया था और उससे पूछताछ करके 14 अप्रैल को अदालत में पेश करके जेल भेज दिया था। तभी से वह जेल में बंद था।
रोहतक पीजीआई में परिजनों ने किया हंगामा
रोहतक पीजीआई में परिजनों ने युवक की मौत के बाद हंगामा कर न्यायिक जांच की मांग की। इसमें परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाए की पप्पी को हिरासत के दौरान पुलिस ने अधिक यातनाएं दीं, जिसके कारण उसकी मौत हुई है।
15 अप्रैल को तबीयत बिगड़ने पर भेजा था अस्पताल
14 अप्रैल को युवक पप्पी को पुलिस ने अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया था। उसके बाद 15 को उसकी तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद इलाज के लिए उसको शहर के नागरिक अस्पताल में भेजा गया, लेकिन वहां पर चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालात को देखते हुए रोहतक पीजीआई रेफर किया था, जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
जेल भेजने के बाद बिगड़ी तबीयत
आरोपी को पुलिस ने अदालत के आदेश 14 अप्रैल को जेल भेज दिया था। मेडिकल करवा कर ही जेल में भेजा गया है। जेल भेजने के बाद न्यायिक हिरासत में ही पप्पी की तबीयत बिगड़ी है। पुलिस हिरासत के दौरान मारपीट के आरोप निराधार हैं। -समरजीत सिंह, जुलाना थाना प्रभारी।
तबीयत बिगड़ने पर 15 अप्रैल को ही पप्पी को जींद के नागरिक अस्पताल में ले जाया गया। यहां से चिकित्सकों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान मौत हुई है। जेल में किसी प्रकार की प्रताड़ना नहीं दी गई। -संजीव कुमार, जेल अधीक्षक, जींद।