हरियाणा के जींद के उचाना क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं द्वारा प्राचार्य पर लगाए गए यौन शोषण के आरोपों में अब एससी-एसटी का मामला भी जुड़ गया है। पहले पुलिस ने आरोपी प्राचार्य के खिलाफ छेड़छाड़, अश्लील हरकत, पॉक्सो एक्ट, धमकी देने समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। प्राचार्य को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। मामले की जांच एसआईटी कर रही है। स्कूल का 24 नवंबर को हिसार मंडल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्रीकांत जाधव ने भी दौरा किया था।
उचाना के एक राजकीय स्कूल की छात्राओं ने 31 अगस्त को पांच पेज का एक शिकायत पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, महिला आयोग समेत अन्य अधिकारियों को भेजा था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने इसकी जांच शुरू की। 30 अक्तूबर को उचाना थाना पुलिस ने छात्राओं की शिकायत पर प्राचार्य के खिलाफ मामला दर्ज किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने यौन उत्पीड़न कमेटी का गठन कर दिया। वहीं उच्चतर शिक्षा विभाग ने भी अपनी तरफ से इसकी जांच करवाई। हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने भी एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए।
महिला आयोग ने शिक्षा विभाग व पुलिस टीम को तलब किया था। इसमें 50 छात्राओं के बयान महिला आयोग को सौंपे गए थे। तीन नवंबर को प्राचार्य को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे जेल भेज दिया।
छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह से सजग है। उनकी सुरक्षा व सम्मान के लिए पुलिस प्राथमिकता से कार्य कर रही है। मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत धाराएं भी जोड़ी गई हैं। मामले में एसआईटी पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
-सुमित कुमार, पुलिस अधीक्षक, जींद।