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हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में अवैध निर्माण गिराने पर उठे सवाल

Wed, 22 Mar 2017 12:14 AM IST
ब्यूरो/जींद,अमर उजाला
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गली में पड़ा मलबा। - फोटो : अमर उजाला
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हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में सोमवार को शुरू हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के एक दिन बाद कॉलोनी के लोगों ने इसमें फर्जीवाड़े के आरोप लगाए। कॉलोनीवासियों ने मामले में डीसी ऑफिस में शिकायत दे पूरे मामले की जांच करवाने की मांग की है। वहीं लोगों ने हालांकि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई पर कोई सवाल नहीं उठाया है, लेकिन इसके तरीके में भारी खामियां गिनवाई हैं।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश पर पिछले करीब डेढ़ साल से शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत ही सोमवार को हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में भी अतिक्रमण हटाया गया। यहां 30 फीट की गली से दोनों ओर से सात से आठ फीट तक अतिक्रमण हटाया गया। अब लोगों का कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाना ही था तो फिर सीवरेज लाइन गली के बीच से क्यों डाली गई। वहीं गली के निर्माण के लिए उठाई गई मिट्टी और पुरानी ईंटों में भी कॉलोनी के लोगों ने भ्रष्टाचार के आरोप नगर परिषद अधिकारियों पर लगाए हैं।
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डीसी को दी शिकायत में कॉलोनी के लोगों ने कहा कि सोमवार को अतिक्रमण हटाने के बाद मंगलवार को नगर परिषद ने कार्रवाई नहीं की। इससे साफ होता है कि यह कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक पूर्व पार्षद और एक कर्मचारी ने नगर परिषद के एक अधिकारी के नाम पर गली के सभी लोगों से तीन-तीन हजार रुपये लिए हैं। इस अधिकारी के नाम से लिए गए पैसे कुछ लोगों ने आपस में बांट लिए हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए। लोगों ने डीसी ऑफिस में दी शिकायत में कहा जब पूर्व पार्षद से इसकी बात की गई तो जवाब देने की बजाये वह आगबबूला हो गया। वहीं लोगों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने से पहले नगर परिषद ने किसी को नोटिस तक नहीं भेजा।

1500 मकानों पर निशाना
हाउसिंग बोर्ड में करीब 1500 मकान हैं और अधिकतर मकानों में अतिक्रमण है। यदि पूरे हाउसिंग बोर्ड में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होती है, शायद ही कोई मकान टूटने से बचेगा। इसको लेकर मंगलवार को दिन भर लोगों में चर्चा रही। वहीं नगरपरिषद अधिकारियों की मानें तो हाउसिंग बोर्ड में 95 प्रतिशत से अधिक मकानों में अतिक्रमण है और 90 प्रतिशत से अधिक मकानों को तोड़कर नए ढंग से बनाया गया है, जो अवैध हैं। ये मकान जिस प्रकार हाउसिंग बोर्ड ने बनाए थे, उसी तरीके से होने चाहिए।

नहीं हटाया मलबा, लोग परेशान
सोमवार को नगर परिषद के अतिक्रमण हटाने बाद मंगलवार को भी यहां बिखरा मलबा नहीं हटाया गया। इससे गली से लोगों आवाजाही पूर्ण रूप से बंद रही। यह गली बस स्टैंड का सीधा रास्ता है, लेकिन इसके चलते लोगों को लंबा चक्कर लगान जाना पड़ा।

कार्रवाई निष्पक्ष नहीं
प्रशासन की कार्रवाई से भेदभाव की बू आ रही है। सोमवार को अतिक्रमण हटाने के बाद मंगलवार को कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे साफ है कि कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है। सवाल उठता है कि क्या सिर्फ इसी गली में अतिक्रमण हुआ है। नगर परिषद के अधिकारी 30 फीट की गली बता रहे हैं, जबकि अतिक्रमण हटाने के बाद भी यह 28 फीट ही बचती है। दो फीट जमीन से भी अतिक्रमण हटना चाहिए।
- वीना देवी, हाउसिंग बोर्ड निवासी

लोगों से लिए गए पैसे
दीवार बचाने के लिए लोगों से पैसे लिए गए हैं और दीवार भी तोड़ दी गई। इसकी जांच होनी चाहिए। यदि दीवार तोड़नी थी तो फिर गली के बीच से लाइन क्यों डाली गई। गली से निकलने वाली मिट्टी और पुरानी ईंट कहां हैं, प्रशासन इसका हिसाब दे। -अंजू देवी, हाउसिंग बोर्ड निवासी

होगी कार्रवाई
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, यदि किसी ने सरकार काम के बदले पैसे लिए हैं, तो इसकी जांच की जाएगी। दोषी के खिलाफ हर हाल में कार्रवाई होगी। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हर हाल में जारी रहेगी। -विनय सिंह, डीसी।

यह अभियान लगातार जारी है, मंगलवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की जा सकी, लेकिन इससे अभियान रोका नहीं गया है। जल्द ही इसे दोबारा शुरू किया जाएगा। नगर परिषद के अधिकारियों के पैसे लेने की बात निराधार है। किसी बाहरी आदमी ने लिए हैं तो इसकी शिकायत लोग दें। -डॉ. एसके चौहान, कार्यकारी अधिकारी नगरपरिषद।
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प्रशासनिक कार्रवाई
यह कार्रवाई पूर्ण रूप से प्रशासन द्वारा की जा रही है। इसमें कोई कुछ नहीं कर सकता। जिन लोगों ने गलत तरीके से निर्माण किए हैं, उनके खिलाफ ही कार्रवाई हो रही है।  -मीनू देवी, पार्षद वार्ड 19
 
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