चाबरी कालोनी में शिक्षा विभाग के स्वीपर तेजपाल की हत्या के मामले में परिजनों ने नागरिक अस्पताल से दूसरे दिन भी शव नहीं उठाया। परिजनों ने अस्पताल परिसर में शनिवार को भी धरना जारी रखा। डीसी अमित खत्री और एसडीएम अश्वनी मलिक दोपहर नागरिक अस्पताल पहुंचे और धरना स्थल पर गठित कमेटी के साथ सिविल सर्जन अस्पताल में बातचीत की। डीसी ने परिजनों के समक्ष परिवार के एक सदस्य को अस्थायी नौकरी और दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने व हत्यारोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।
कमेटी के सदस्य परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व दस लाख रुपये की आर्थिक मद देने की बात पर अड़े रहे। इस पर प्रशासन ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर तेजपाल की स्थायी नौकरी देने के लिए सीनियरिटी 30 नंबर पर है, इसलिए शुरुआत में परिवार के एक सदस्य का अस्थाई नौकरी पर रख लिया जाएगा। उसके बाद तेजपाल की विभाग की तरफ से बनाई गई सीनियरिटी का लाभ देकर पक्की नौकरी कर दी जाएगी। लेकिन कमेटी के सदस्य तुरंत स्थायी नौकरी देने व दस लाख की आर्थिक सहायता पर अड़े रहे। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं होने की बात कही और कमेटी के साथ हुई बातचीत बेनतीजा रही। कमेटी ने मांगें पूरी नहीं होने पर तक शव नहीं उठाने व नागरिक अस्पताल में धरना जारी रखने का फैसला लिया। कमेटी के सदस्य देवीदास ने कहा कि सरकार गरीब परिवार की डिमांड पूरी नहीं करने की बजाय उनको टरकाने की कोशिश कर रही है। इसके बाद मृतक के परिजनों ने धरने पर पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
शव रखने के लिए डी-फ्रीजर की मांग
धरने पर बैठे तेजपाल के परिजनों ने कहा कि नागरिक अस्पताल में शव को रखे हुए 36 घंटे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने शवगृह में रखे शव के लिए डी-फ्रीजर की व्यवस्था नहीं की है। उन्होंने चेताया कि अगर डी फ्रीजर की व्यवस्था नहीं की गई तो वह अगला कदम उठाने पर मजबूर होंगे। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल के पास डी-फ्रीजर की फिलहाल व्यवस्था नहीं है, लेकिन सामाजिक संस्थाओं से डी-फ्रीजर उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
एसडीएम अश्वनी मलिक ने कहा कि परिवार के एक सदस्य को अस्थायी नौकरी व दो लाख रुपये का प्रस्ताव रखा है। परिवार के लोगों ने स्थाई नौकरी की डिमांड की, लेकिन उनको आश्वासन दिया कि फिलहाल तेजपाल अस्थायी नौकरी पर थे और हाईकोर्ट के आदेश पर स्थाई करने के जो आदेश आए थे उसमें तेजपाल की सीनियरटी 30वें नंबर पर है। परिवार को आश्वासन दिया है कि अस्थायी नौकरी देने के बाद उस सीनियरिटी का लाभ दे दिया जाएगा और उसके बाद पक्की नौकरी कर दी जाएगी। परिजन फिलहाल ही स्थायी नौकरी व दस लाख रुपये की डिमांड कर रहे हैं। नियमानुसार प्रशासन केवल दो लाख रुपये की सहायता कर सकता है। कमेटी की तरफ से इसके लिए विचार विमर्श करने के लिए समय मांगा है। जल्द ही इसका समाधान कर दिया जाएगा।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा पहुंचे परिजनों के बीच
शनिवार शाम को रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा नागरिक अस्पताल में पहुंचे। जहां पर परिवार के सदस्यों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान सांसद ने मृतक की पत्नी गीता को सांत्वना दी कि उनको न्याय दिलाने में वह पूरा सहयोग करेंगे। प्रदेश में गरीब लोगों पर बढ़ रहे अत्याचारों के खिलाफ कांग्रेस मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाएगी। हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने व उनकी डिमांड को पूरा करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में प्रदेश में क्राइम का ग्राफ बढ़ा है, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है।
सांसद के आने से पहले लगे विरोधी नारे
जिस समय धरना दे रहे नेताओं ने यहां सांसद दीपेंद्र हुड्डा के आने की घोषणा की, उसी समय माइक एक महिला नेत्री को थमाया गया। महिला नेत्री सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए बहक गई। उन्होंने नारे लगाए कि हुड्डा सरकार मुर्दाबाद। यह नारे कई बार लगाए गए। इस पर दलित नेता कमल चौहान ने महिला को टोका और माइक पकड़ लिया। उन्होंने भी सरकार के खिलाफ नारे लगाने शुरू किए, लेकिन उनके मुंह से भी हुड्डा निकल गया। इस पर चौहान ने रुकते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।