शहर के भिवानी रोड पर लगभग पांच साल पहले मकान पर धरपकड़ करने गए पुलिस कर्मी की हत्या करने व दो पुलिस कर्मियों पर जानलेवा हमला करने के जुर्म में अदालत ने वकील सहित चार लोगों को सश्रम आजीवन कारावास व दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार 17 दिसंबर 2011 को भिवानी रोड नाके पर एएसआई नरेश कुमार तैनात थे और पुलिस टीम के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान भिवानी रोड निवासी ओमप्रकाश लाठर व उसका एडवोकेट बेटा सुनील लाठर मोटरसाइकिल पर वहां आए।
यहां पर मोटरसाइकिल के कागजात दिखाने को लेकर पुलिस कर्मी व ओमप्रकाश, सुनील के साथ बहस हो गई और काफी तनातनी हो गई। इसी दौरान ओमप्रकाश अपने घर चला गया, लेकिन नाके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने इसकी सूचना पुलिस अधिकारियों को दे दी। इसके बाद डीएसपी ओमसिंह बल्हारा अपराध शाखा पुलिस टीम के साथ आरोपी के घर पहुंचे। यहां पर पूछताछ करने के लिए अपराध शाखा में तैनात हवलदार ओमप्रकाश, सुभाष, अशोक व बलवान घर के अंदर घुस गए। घर के अंदर घुसते ही ओमप्रकाश लाठर के परिवार के सदस्यों ने पुलिस कर्मियों पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। इसमें हवलदार राजकुमार की मौत हो गई, जबकि अन्य पुलिस कर्मी घायल हो गए।
पुलिस ने इस मामले में भिवानी रोड निवासी ओमप्रकाश, उसके बेटे एडवोकेट सुनील लाठर, सुमित, शांति देवी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने मामले पर सुनवाई करते हुए चारों को सश्रम आजीवन कारावास व दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।