उचाना नगर पालिका में पुराने बिलों को लेकर फर्जीवाड़े मामले में डीसी ने कार्रवाई की सिफारिश की है। विकास कार्यों को लेकर बिना नियमों के ढाई करोड़ रुपये की पेमेंट मामले की जांच की गई थी। इसमें दोषी पाए गए नौ कर्मियों सहित नपा चेयरपर्सन के खिलाफ विभागीय नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग डीसी विनय सिंह ने अलग-अलग पत्र भेज कर स्थानीय निकाय निदेशक पंचकूला से की है। डीसी कार्यालय से भेजे गए 11 मई को पहले पत्र में मामले में दोषी पाए गए तत्कालीन सचिव, एमई, जेई, एआरओ को हरियाणा सिविल सेवा नियमावली 1987 के नियम सात के अधीन आरोपित करते हुए निलंबित करने की सिफारिश की गई।
16 मई को डीसी कार्यालय से पत्र के माध्यम से जांच में दोषी पाई गई नपा चेयरपर्सन के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश डीसी की तरफ से की गई। मामले में डीसी जींद यहां पर कार्यरत सेवादार को निलंबित कर चुके हैं। डीसी जींद के पास नीलम रानी, राजेश कुमार, मुकेश रानी, विद्या सागर, विकास श्योकंद सहित विभिन्न पार्षदों ने शिकायत दी थी। इसमें ढाई करोड़ रुपये की गलत अदायगी के आरोप लगाए गए थे। शिकायत के आधार पर डीसी जींद ने जांच करवाने के बाद अब एसपी जींद को जांच में गोलमाल मिलने पर केस दर्ज करने के निर्देश दिए थे। करीब दो महीने पहले उचाना थाना में धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार सहित विभिन्न धाराओं के तहत नपा चेयरपर्सन सहित 10 कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया। दर्ज केस के बाद भी गिरफ्तारी न होने पर भाजपा समर्पित 13 में से 10 पार्षदों ने जींद में दो दिन प्रवास के दौरान रुके सीएम मनोहर लाल को पूरे मामले में लिखित में शिकायत की। सीएम ने डीसी जींद से मौके पर ही जानकारी लेकर मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
सीएम से शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
पार्षदों ने बताया कि नगर पालिका में विकास को लेकर जो राशि थी उसमें से ढाई करोड़ रुपये की पेमेंट जो गई वो बिना नियमों से की गई। एसडीएम नरवाना डॉ. किरण की अगुवाई में गठित टीम ने रिपोर्ट जांच के बाद डीसी जींद को दी। उसमें लिखा है कि नपा से हुई कोई भी पेमेंट नियमों के अनुसार नहीं हुई है। जो रिकॉर्ड जांच के दौरान मांगे गए वो रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं करवाए गए। दो कर्मचारियों ने 86 लाख रुपये के किए गए पेमेंट पर उनके हस्ताक्षर न होने के लिखित में बयान दर्ज करवा चुके हैं। ऐसे में जो पेमेंट हुई है वह पूरी तरह से संदेह में हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर ही डीसी जींद ने एसपी जींद को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। जींद पुलिस से यह मामला हिसार क्राइम को भेज दिया गया है। इस मामले में स्टेट क्राइम के कोई कार्रवाई न करने पर भी पार्षदों ने सवालिया निशान उठाते हुए जांच में तेजी लाने की मांग की। पार्षदों ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के प्रदेश के प्रस्तावित दौरे में 10 पार्षद मिलकर मामले में कार्रवाई तेजी से होने की मांग करेंगे।
कार्रवाई को लिखा
उचाना नगरपालिका में पुराने बिलों के नाम पर फर्जीवाड़ा हुआ है। इसकी जांच में जो लोग दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग को लिखा गया है। -विनय सिंह, डीसी जींद।