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खून से सनी दीवारें बयां कर रही घिनौनी वारदात को

Sat, 21 Nov 2015 01:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला जींद
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रोहतक रोड पर नशामुक्ति केंद्र के काउंसलर जींद की शिव कॉलोनी निवासी प्रवेश तथा केयर टेकर खेमाखेड़ी गांव निवासी अमित की हत्या बेरहमी से गई है। केंद्र के काउंसलर प्रवेश के सोते हुए पर सिर पर इतने वार किए गए कि उसका सिर तथा चेहरा बिल्कुल ही खराब हो गया है।
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जिस कमरे में वारदात हुई, वहां की दीवार के साथ-साथ छत भी खून से सनी हुई है, जो निर्ममता की कहानी बयां कर रही हैं। जिस कमरे में हत्या को अंजाम दिया गया है, उसमें सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है, लेकिन कैमरे के ऊपर टेप लगाकर बंद किया हुआ है।

पुलिस फिलहाल इस जांच में जुटी है कि सीसीटीवी कैमरे पर टेप केंद्र संचालकों द्वारा पहले से लगाई गई है या फिर आरोपियों ने हत्या की वारदात से पहले टेप लगाई है। पुलिस ने केंद्र पर पहुंचकर सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का प्रयास किया, लेकिन सीसीटीवी कैमरों की स्टोरेज सिस्टम का पासवर्ड नहीं खुल पाया।
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जब केंद्र के अन्य लोगों से इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पासवर्ड की जानकारी मृतक प्रवेश व अमित के अलावा केंद्र के संचालक इंप्लाइज कॉलोनी निवासी हरेंद्र को है। जब पुलिस ने सेंटर संचालक हरेंद्र से संपर्क किया तो उसने बताया कि वह गुवाहाटी गया हुआ है। उसके बाद ही इसके बारे में कुछ बता सकता है। जिसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में ले लिया है।

केंद्र में दाखिल दूसरे लोगों ने साधी चुप्पी
नशामुक्ति केंद्र की दूसरी मंजिल पर बनाए गए कमरे में काउंसलर प्रवेश के अलावा नशे की लत के आदी दस लोग सो रहे थे। इस दौरान प्रवेश के साथ वाले बेड पर ही सो रहे गांव खुराना निवासी अमनदीप, अर्बन एस्टेट निवासी आनंद, इसराना निवासी प्रदीप के अलावा सात अन्य लोग भी उपचाराधीन हैं और सभी लोग साथ-साथ लगते बेडों पर सो रहे थे। लेकिन जब पुलिस ने केंद्र में दाखिल अन्य लोगों से हत्या के बारे में पूछा तो उन्होंने चुप्पी साध ली।

उनका कहना था कि साहब हमें तो नशे की लत के चलते ऐसी दवाई दी जाती है कि उन्हें गहरी नींद आ जाती है। अल सुबह जब हत्या की गई तो उस समय किसी भी अन्य की नींद नहीं खुली। जब सुबह उनकी आंखें खुली तो काउंसलर प्रवेश मरा हुआ पड़ा था और उनके कमरे में खून ही खून था। जब नीचे आकर देखा तो केयर टेकर अमित भी मृत पड़ा था। जबकि केंद्र का तीसरा कर्मचारी महाराष्ट्र निवासी संजय बाथरूम में चिल्ला रहा था। इसके बाद उसे बाहर निकाला और इसकी सूचना पुलिस को दी गई है।

ट्रीटमेंट का तरीका हो सकता रंजिश का कारण
नशा मुक्ति के कर्मचारी प्रवेश तथा अमित की हत्या के पीछे पुलिस प्राथमिक दृष्टि से रंजिश का कारण केंद्र पर ट्रीटमेंट के नाम पर किया जा रहे टॉर्चर से जोड़कर देख रही है। पुलिस को अंदेशा है कि केंद्र पर नशा छोड़ने के लिए कर्मचारियों द्वारा टॉर्चर किया जाता है। शायद पिछले कई दिनों से केंद्र पर नशे की लत का इलाज करवा रहे अमनदीप, आनंद तथा प्रदीप उनकी नशे की लत पूरा नहीं होने तथा टॉर्चर से परेशान होकर इस वारदात को अंजाम दिया।

हत्या में चौथा आरोपी कौन
पुलिस के अनुसार केंद्र संचालकों ने बताया कि केंद्र पर दस लोगों का नशा छुड़वाने का इलाज चल रहा था। इसमें से सात लोग वहीं पर सोते रहे, लेकिन तीन आरोपी अमनदीप, आनंद तथा प्रदीप फरार हुए हैं। हत्या में चौथा व अन्य आरोपी कौन इसकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी हत्या करने के बाद खेतों की तरफ की खिड़की तोड़कर नीचे कूदे हैं और वह लगभग दस फुट ऊंची है। ऐसे में दीवार के छोटे से सुराग से आदमी अकेला नहीं निकल सकता है। पुलिस को आशंका है कि खेतों की तरफ उतरने में सहयोग करने में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल हो सकता है। इसलिए पुलिस ने तीन लोगों को नामजद करके एक अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।

प्रवेश के परिजन आपस में भिड़े
पुलिस ने मृतक प्रवेश तथा अमित के शव को सामान्य अस्पताल में लेकर पहुंची। जहां पर मृतक प्रवेश के पिता तथा चाचा के बीच में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस दौरान मृतक के परिजनों ने उसके चाचा की मौके पर जमकर धुनाई कर दी। उस पर अस्पताल में ही दो बार हमला किया। अस्पताल में मौजूद पुलिस ने बीच-बचाव कराया।

 डीएसपी कुलवंत बिश्नोई ने बताया कि हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के असली कारणों का पता चल पाएगा।
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