जींद रोड की बजाय चुना था वाया गोहाना का रास्ता
पवन ने बताया कि वह मूलरूप से जींद के निडाना गांव का रहने वाला है। कई दशक से दिल्ली के नजफगढ़ में परिवार सहित रहता है। साथ ही दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में नौकरी करता है। अमावस्या पर मां विद्यावती व पत्नी अंकिता ने पांडु पिंडारा नहाने की इच्छा व्यक्त की। रात को वे नजफगढ़ से रवाना हुए। रोहतक पहुंचे तो पता चला कि जींद रोड डबल लेन बन रहा है, इसके चलते गोहाना होते हुए जींद जाना उचित रहेगा। क्योंकि रोहतक से गोहाना व गोहाना से जींद का रास्ता साफ है। उसे नहीं पता था कि इस तरह वारदात हो जाएगी।
राहगीरों ने नहीं रोके वाहन, ऑटो मलिक के चौकीदार ने की सहायता
वारदात के बाद पवन ने राहगीरों को इशारा किया, लेकिन किसी ने वाहन नहीं रोका। वह नजदीक ही आटा मिल के बाहर पहुंचा, जहां चौकीदार के मोबाइल से रामगोपाल कॉलोनी में रहने वाले अपने रिश्तेदार को फोन किया। वहां से उसकी पत्नी का भाई आया। उसने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद सदर थाने में पहुंचकर केस दर्ज करवाया।
मकड़ौली टोल महंगा, लेकिन सुविधा कुछ नहीं
वारदात के बाद पवन मकड़ौली टोल पर पहुंचा, जहां कोई गश्त वाहन या एंबुलेंस नहीं मिली। बकौल पवन, पूछने पर कर्मचारियों ने इतना कहा कि वे तो केवल फीस एकत्रित करते हैं। जिस टीम को ये सुविधाएं देनी हैं, वे नहीं आए हैं।
साढ़े 7 बजे तक काठमंडी में मिली लोकेशन
पवन ने पुलिस को बताया कि बैग के अंदर उसका मोबाइल है। पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन की जांच की। बकौल पवन पुलिस ने बताया कि वारदात के बाद लुटेरे कार लेकर वापस रोहतक आए। वहां आदर्श नगर गए। सुबह करीब साढ़े 7 बजे मोबाइल की लोकेशन काठमंडी में मिली, जो बाद में बंद हो गई।
पुलिस को गाड़ी की फुटेज मिली है। आरोपी स्थानीय ही लग रहे हैं। जल्द उनको काबू कर लिया जाएगा। पुलिस छापा मार कार्रवाई कर रही है। - उदय सिंह मीना, पुलिस अधीक्षक रोहतक