हरियाणा के जींद में अलेवा के काला पीर डेरा पेगां के महंत शब्दाई नाथ द्वारा सुसाइड नोट छोड़कर आत्महत्या करने के मामले में तीसरे दिन एसएसपी कुलदीप, एसडीएम राजेश कौथ और डीएसपी जितेंद्र की दखल अंदाजी के बाद ग्रामीणों का गतिरोध समाप्त हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने सोमवार शाम को लगभग छह बजे महंत के शव को सड़क से उठाया और मंगलवार को समाधि देने का निर्णय लिया।
पेगां गांव के लोग महंत के शव को जींद-चडीगढ़ मार्ग पर रख सड़क को जाम करते हुए सुसाइड नोट के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े हुए थे तो ग्रामीणों को सोमवार को मामले में थुआ तपा का भी साथ मिल गया। थुआ तपा अंतर्गत आने वाले गांव से मौके पर काफी संख्या में लोगों का जमावड़ा लगा रहा, लोगों ने महंत के सुसाइड केस में किसी भी फैसले का जिम्मा थुआ तपा पर छोड़ दिया। इसमें तपा प्रधान सोमदत्त शर्मा व उपाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में थुआ तपा की बैठक हुई। इसमें पेगां से पांच लोगों के अलावा तपा के अन्य गांवों से एक-एक व्यक्ति व 2 लोग साधु समाज से लेकर कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया और कमेटी को अधिकार दिया गया कि प्रशासन के साथ बैठक में वह जो भी निर्णय लेगी ग्रामीण उसी पर सहमत होंगे।
प्रशासनिक अधिकारियों एवं थुआ तपा के लोगों की गठित कमेटी के बीच देर शाम बिढ़ान हैंचरी में बैठक हुई। इसमें पांच दिन में आरोपियों पर कार्रवाई करने व 24 घंटे में महंत शब्दाई नाथ के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी करने की मांग पर सहमति बनी। इस दौरान शुक्राई नाथ के चालक को गिरफ्तार करने की सूचना भी बैठक में मौजूद लोगों के बीच में प्रशासनिक अधिकारियों ने दी।
शुक्रवार को पेगां के आसन वाले काला पीर डेरे के महंत शब्दाई नाथ ने कीटनाशक दवा का सेवन कर सुसाइड कर लिया था। इस दौरान छोड़े गए सुसाइड नोट में उन्होंने हिसार जिले के कोथ कलां डेरे के महंत शुक्राई नाथ, मिर्चपुर पुलिस चौकी प्रभारी दयाकिशन, हवलदार अशोक व हरिद्वार स्थित एक डेरे के महंत चेताई नाथ पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए थे। ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इस मामले में एसडीएम राजेश कौथ व एएसपी कुलदीप के समक्ष ग्रामीणों ने डीएसपी जितेंद्र खटकड़ के नेतृत्व में एसआईटी गठित करने की मांग की थी। ग्रामीणों की मांग पर अब एसआईटी का गठन किया गया है। इसमें एसआईटी इंचार्ज डीएसपी जितेंद्र ने बताया कि एसआईटी इस मामले में निष्पक्ष जांच करेगी।
शुक्रवार रात को महंत की आत्महत्या के बाद पुलिस ने शनिवार को शव का पोस्टमार्टम करवा ग्रामीणों को सौंप दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाया, लेकिन गिरफ्तारी नहीं होने पर रविवार सुबह को ग्रामीणों ने पेगां बस अड्डे पर शव को रखकर जाम लगा दिया था। अब 29 घंटे बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर सहमति बनने के बाद शव उठाया गया।