अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शहर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय किशोरी ने निर्जन गांव स्थित प्रयास कुंज आश्रम के संचालक पर दुराचार करने, उसके दो कर्मचारियों द्वारा छेड़छाड़ व मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। किशोरी ने कहा कि उसके साथ एक साल पहले रेप हुआ था। उसने डर के मारे इसकी शिकायत नहीं की। पुलिस तीनों आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश करेगी। किशोरी को जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्यालय की तरफ से आश्रम में छोड़ा गया था।
एसएसपी डॉ. अरुण सिंह को शनिवार रात किशोरी ने शिकायत दी कि उसकी किसी बात को लेकर अपने परिजनों से अनबन हो गई थी। परिजनों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन विभाग को सौंप दिया। उसे छह जून 2017 को जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्यालय की तरफ से गांव निर्जन स्थित प्रयास कुंज आश्रम में छोड़ा गया था। वह छह जून से 28 जुलाई तक इस आश्रम में रही। इस दौरान आश्रम के संचालक सोनीपत जिले के गांव खानपुर निवासी राममेहर ने उसके साथ दुराचार किया। जब उसने इसका विरोध किया तो राममेहर ने गांव निर्जन निवासी अपने कर्मचारी सोनू और चौकीदार प्यारेलाल के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की। कई बार मौका पाकर कर्मचारी सोनू व चौकीदार प्यारेलाल ने भी उसके साथ छेड़छाड़ करते थे। तीनों ने यह बात किसी को बताने पर किशोरी को जान से मारने की धमकी दी। किशोरी ने शिकायत में कहा कि वह डर गई थी जिस कारण उसने किसी को कुछ नहीं बताया। इसके बाद अदालत ने उसके परिवार के लोगों को बुलाकर और समझा बुझाकर उसे उनके साथ भेज दिया। किशोरी ने शिकायत में कहा कि बाद में उसके परिवार के लोग उसकी किसी बुजुर्ग के साथ शादी कराने लगे और उसको घर पर बंधक बना लिया। उसने किसी तरह मौका पाकर पुलिस को सूचित कर दिया। इसके बाद पुलिस उसको अपने साथ ले आई और जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन के आदेश पर उसको जींद के दूसरे बाल आश्रम में छोड़ दिया। इस आश्रम में आने के बाद वहां के कर्मचारियों को उसने अपने साथ पहले बाल आश्रम में हुई घटना के बारे में बताया। किशोरी ने कहा कि उसने इसकी शिकायत जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन अधिकारी को भी की लेकिन वहां से कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसी तरह वह शनिवार को एसएसपी कार्यालय पहुंची और एसएसपी को इसकी शिकायत की। एसएसपी के आदेश पर महिला थाना पुलिस ने आश्रम के संचालक खानपुर जिला सोनीपत निवासी राममेहर व गांव निर्जन निवासी कर्मचारी सोनू व चौकीदार प्यारेलाल के खिलाफ दुराचार व मारपीट करने का मामला दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया।
दो माह पहले बंद हो चुका है आश्रम
वर्ष 2016 में राममेहर ने निर्जन गांव में बाल कुंज आश्रम खोला था। इस आश्रम में जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्यालय की तरफ से ऐसे बच्चों को रखा जाता है जिनके गुम हुए बच्चों के या तो परिजन नहीं मिलते या फिर बच्चे अपने परिजनों के साथ जाने से मना कर देते हैं। सरकार के नियमानुसार बाल आश्रम को सरकार की तरफ से अनुदान दिया जाता है। इसके लिए कम से कम 25 बच्चे आश्रम में होने चाहिए। इस आश्रम में कभी भी 25 बच्चे नहीं हो पाए। इस कारण आश्रम को कभी अनुदान नहीं मिला। अनुदान नहीं मिलने के कारण राममेहर ने आश्रम को दो माह पहले ही बंद कर दिया।
लिखित में नहीं आई कोई शिकायत
जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन बाल कल्याण समिति के चेयरमैन सोम कुमार ने कहा कि इस प्रकार की विभाग के पास कोई लिखित शिकायत नहीं आई। यदि ऐसा कोई मामला है तो सोमवार को ऑफिस जाकर ही पता चलेगा। इस संबंध में विभाग भी अपनी तरफ से जांच करेगा।
मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद
पुलिस आश्रम संचालक राममेहर को शाम सात बजे नागरिक अस्पताल में मेडिकल चेकअप के लिए लेकर आई। यहां राममेहर ने कहा कि उस पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। चाइल्ड प्रोटेक्शन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण उस पर आरोप लगाए गए हैं। बाल आश्रम में रहने वाले प्रत्येक बच्चे की हर 15 दिन के बाद काउंसिलिंग होती है। अगर बच्ची के साथ साथ उनके आश्रम में ऐसा हुआ होता तो वह काउंसिलिंग के दौरान बता देती। इस बीच में वह अपने परिवार के लोगों के पास भी रही है, लेकिन अब एक साल बाद उस पर साजिश के तहत आरोप लगवाए हैं।
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है
किशोरी ने अपने परिवार के साथ जाने से मना करने पर जींद के एक आश्रम में छोड़ा हुआ है। अब किशोरी ने आरोप लगाया है कि लगभग एक साल पहले गांव निर्जन के बाल कुंज आश्रम में रहते हुए वहां के संचालक राममेहर ने उसके साथ दुराचार किया और उसके दो कर्मचारियों ने छेड़छाड़ करके मारपीट की है। तीनों ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ की जा रही है।
-कमलेश देवी, महिला थाना प्रभारी, जींद।