घर में महिला की डिलीवरी करवाने वाली एएनएम पर कार्रवाई
--एएनएम का दो सप्ताह का कटेगा वेतन, आगे लापरवाही पाई गई तो सेवाएं होंगी रद्द
अमर उजाला ब्यूरो
जुलाना। वर्ष 2012 में गतौली गांव में एएनएम द्वारा घर में गैर कानूनी तरीके से डिलीवरी करवाने के प्रयास में उप-सिविल सर्जन ने एएनएम जंतरी देवी का दो सप्ताह का वेतन काटने को आदेश दिए हैं। एएनएम को चेतावनी भी दी गई है अगर वह अपनी ड्यूटि से लापरवाही करते हुए पाई जाती है तो उनकी सेवाएं रद्द कर दी जाएंगी।
बता दें कि मार्च 2012 में गतौली गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर में गैर-कानूनी तरीके से एएनएम को डिलीवरी करवाने के प्रयास का मामला पकड़ा था। जींद के सिविल सर्जन डॉ. धन कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव गतौली में गैर-कानूनी ढंग से डिलीवरी की जा रही है। सूचना के आधार पर सिविल सर्जन की टीम ने गतौली सब सेंटर में कार्यरत एएनएम जंतरी देवी को अपने ही घर में डिलीवरी के लिए एक महिला को दाखिल किया हुआ पाया था। गांव में सब सेंटर होने के चलते डिलीवरी को डिलीवरी हट में ही करना था। कानून को ताक पर रखकर टीम ने एएनएम को घर में ही डिलीवरी करते हुए पाया गया था। इसके बाद सिविल सर्जन ने एक कमेटी बनाकर मामले की जांच करने के आदेश भी दिए थे। मामले की जांच के बाद ही उप-सिविल सर्जन ने एएनएम को घर में गैर-कानूनी तरीके से डिलीवरी करते करने के प्रयास में दोषी पाया। उपसिविल सर्जन ने एएनएम का दो सप्ताह का वेतन काटने के आदेश दिए हैं, और साथ में चेतावनी भी दी गई है कि अगर आगे से एएनएम अपनी ड्यूटि के दौरान लापरवाही करते हुए पकड़ी गई तो उनकी सेवाएं रद्द कर दी जाएंगी।
एसएमओ नरेश वर्मा ने कहा कि उप-सिविल सर्जन ने एएनएम जंतरी देवी का दो सप्ताह का वेतन काटने के आदेश दिए हैं। एएनएम को चेतावनी भी दी गई है कि अगर आगे एएनएम ड्यूटि के दौरान लापरवाही करते हुए पकड़ी गई तो उनकी सेवाएं रद्द कर दी जाएंगी। यह मामला मार्च 2012 का है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गतौली गांव में छापेमारी की थी।