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नरेश जांगड़ा को ग्राम सचिवालय पर श्रीराजीव गांधी सेवा केंद्र लिखना पड़ा महंगा

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बीडीपीओं ने नरेश जांगड़ा के खिलाफ दर्ज करवाई एफआईआर
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अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। गांव कारखाना मेें ग्राम सचिवालय की बिल्डिंग पर राजीव गांधी सेवा केंद्र लिखने के मामले में पुलिस ने नरेश जागड़ा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सफीदों के वार्ड नंबर चार निवासी नरेश जांगड़ा कांग्रेस पार्टी में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश सह संयोजक के पद पर कार्य रहे हैं। चौथे दिन सफीदों प्रशासन इस मामले में सख्त नजर आया। रविवार को छुट्टी वाले दिन ही बीडीपीओ पूनम चंदा द्वारा करीब 2 बजे सफीदों थाने में खुद जाकर एसएचओ को नरेश जांगड़ा के खिलाफ शिकायत दी। साथ ही बीडीपीओ द्वारा एक शिकायत डीसी अमित खत्री और डीडीओपी को भी लिखकर भेजी है।
पुलिस को दी शिकायत में बीडीपीओ ने वार्ड नंबर चार निवासी नरेश जांगड़ा पर आरोप लगाते हुए कहा कि 13 दिसंबर को उन्होंने सरकारी संपत्ति का नाम तबदील कर सरकारी परियोजना को नष्ट करने का काम किया है। उसके खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए। बीडीपीओ पूनम चंदा ने थाने में ही पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि 13 दिसंबर को उनके पास गांव के सरपंच का फोन आया था कि ग्राम सचिवालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा राजीव गांधी सेवा केंद्र लिखा जा रहा है, जोकि उनकी बात नहीं मान रहे हैं। मामले की सूचना मिलते ही जब वह तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने देखा कि नरेश जांगड़ा वहां राजीव गांधी सेवा केंद्र लिख चुके थे। उन्होंने उन्हें काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन नरेश जांगड़ा ने उनकी बात को नकारते हुए अपनी बात पर अड़े रहे। इसके बाद उन्होंने मौके पर पूरी गहमागहमी को देखते हुए दोनों नाम लिखवाने की बात कहकर मामले को शांत करना पड़ा, ताकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं व गांव के जनप्रतिनिधियों में कोई झगड़ा न हो।
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नाम बदलने पर हुई थी गहमागहमी
काफी गहमागहमी के बाद बीडीपीओ ने दोनों नाम लिखने की बात कहकर फिलहाल मामले शांत करना पड़ा था।
नरेश जांगड़ा का कहना का था कि नवंबर में हरियाणा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर का गांव कारखाना में चाय का कार्यक्रम था। उसी दौरान गांव के लोगों ने उनको बताया कि कांग्रेस सरकार द्वारा वर्ष 2013 में 11 लाख रुपये के अनुदान से बनाए गए राजीव गांधी सेवा केंद्र का नाम बदलकर भाजपा की सरकार ने ग्राम सचिवालय कर दिया है। जिस पर इसका नाम वापस बदलने के आदेश उन्हें दिए थे।
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राजनीतिक दवाब में आया प्रसाशन : जांगड़ा
नरेश जांगड़ा ने कहा कि अब प्रशासन राजनीतिक दबाव में आ गया है। सरकार और प्रशासन जो करना चाहती है वो कर ले, लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं। कांग्रेस सरकार में कारखाना गांव के राजीव गांधी सेवा केंद्र के लिए 11 लाख रुपये अनुदान राशि देकर बनाया था, लेकिन भाजपा की सरकार ने कारखाना के साथ-साथ कई गांवों में इन सेवा केंद्रों की बिल्डिंग में ही ग्राम सचिवालय खोल दिए। वे इस तरीके के कार्य आगे भी करते रहेंगे, क्योंकि वह राजीव गांधी व अशोक तंवर के सच्चे सिपाही हैं।
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