अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
अदालत के बाहर पेशी पर आए हत्यारोपी सुमेर की हत्या कर दी गई। वारदात के बाद सुमेर की मां ओमी देवी ने बताया कि वह पेशी के दौरान अपने बेटे से मिलने आई थी। जब वह ऑटो में बैठी रही थी तभी आरोपियों ने ऑटो के पीछे की खिड़की से उसके बेटे की पीठ में गोली मार दी। गोली मारते देख वह ऑटो से नीचे उतर गई और गोली मारने वाले युवक के गले को पकड़ लिया। इस दौरान युवक के साथ संघर्ष करती रही, लेकिन सुमेर को सुरक्षा में लेकर आए पुलिस कर्मियों ने बदमाशों को पकड़ने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई वे केवल देखते रहे। इस दौरान गोली मारने के आरोपी ने सुमेर की मां की आंख पर घूंसा मारकर बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। महिला ओमीदेवी से संघर्ष के दौरान हत्यारोपियों की पिस्तौल वहीं गिर गई।
पुलिस के अनुसार गांव रामराये निवासी सुमेर ने 21 नवंबर 2014 में रेलवे रोड पर बाइक सवार गांव रामराये निवासी रविंद्र की हत्या कर दी थी। तभी से यह मामला सेशन अदालत में विचाराधीन था और आरोपी सुमेर हिसार जेल में बंद था। सोमवार को हिसार पुलिस के एएसआई धूप सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय कमेटी सुमेर को अदालत में पेश करने लाई थी। तभी यह वारदात हो गई। पुलिस ने इस मामले में शिकायत के आधार पर गांव रामराये निवासी प्रमोद उर्फ काला, उसका भाई मनदीप, बालमुकंत के लड़के, रघबीर सहित अन्य के खिलाफ हत्या, शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। डीएसपी कप्तान सिंह ने बताया कि सुमेर पर हत्या के तीन मामले दर्ज हैं। तीन साल पहले आरोपी सुमेर ने रेलवे रोड पर दादी-पौत्र को गोली मारी थी। इसी मामले पर पेशी पर आया था। जहां पर उसको गोली मार दी गई। बयान के आधार पर प्रमोद उर्फ काला सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।
सात साल से चल रही रंजिश
पुलिस के अनुसार गांव रामराये निवासी प्रमोद उर्फ काला और हिम्मत के बीच में लगभग सात साल से रंजिश चली आ रही है। दोनों के बीच में हुई आपसी कहासुनी ने ही दोनों को एक दूसरे का दुश्मन बना दिया। दोनों ही पक्षों के लोग मौका पाते ही एक दूसरे के गुट से संबंध रखने वाले लोगों पर हमला कर देते हैं। सबसे पहले प्रमोद उर्फ काला ने हिम्मत पर हमला कर दिया था। इसके बाद वर्ष 2011 में हिम्मत और उसके भाई गुगन उर्फ कीमत ने सैर पर निकले प्रमोद उर्फ काला को तालाब के निकट गोली मार दी थी। हमले में काला की रीढ़ की हड्डी में गोली लगी थी। उपचार के बाद काला के पांव ने काम करना बंद दिया। इसके बाद हिम्मत गुट की तरफ से 21 नवंबर 2014 को प्रमोद उर्फ काला के छोटे भाई रविंद्र को उस समय गोली मार दी थी जब वह अपनी दादी को गांव रामराये से लेकर वापस आ रहा था । इसमें रविंद्र की मौत हो गई थी, जबकि उसकी दादी रामरति गंभीर रूप से घायल हो गई थी। रविंद्र की हत्या के मामले में हिम्मत गुट से संबंध रखने वाले गांव रामराये निवासी सुमेर का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया था और हिसार जेल में शिफ्ट कर दिया था। उसकी मां ओमी देवी ने बताया कि इसकी रंजिश में उसके बेटे सुमेर की प्रमोद उर्फ काला गुट ने गोली मारकर हत्या की है।
पहले चेता दिया था कि मेरे लड़के को है खतरा
मृतक सुमेर की मां ओमी देवी और मौसी कमला देवी ने बताया कि उनको पहले ही पता था कि उसके बेटे की हत्या की साजिश रची जा रही है। इसके लिए कई बार पुलिस को सूचित किया जा चुका था, उसके बावजूद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस की ढिलाई के कारण ही उसके बेटे की हत्या हुई है।
मृतक सुमेर पर चल रहे तीन हत्या के मामले
पुलिस के अनुसार मृतक सुमेर भी गैंगवार से संबंध रखता था। अब तक वह हत्या के तीन वारदातों को अंजाम दे चुका था। सुमेर ने वर्ष 2011 में हांसी के अंदर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद वर्ष 2014 में गैंगवार में गांव रामराये निवासी रविंद्र की जींद के रेलवे रोड पर गोली मारकर हत्या की थी। इसके बाद वर्ष 2016 में सफीदों के अंदर शराब व्यवसायी नरेंद्र राठी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इन्हीं मामलों में वह हिसार जेल में बंद था। सोमवार को उसकी अदालत में पेशी थी।
मां ने बदमाशों से किया संघर्ष, पुलिसकर्मी देखते रहे
अदालत परिसर के बाहर पुलिस सुरक्षा के बीच हत्यारोपी की गोली मारकर हत्या
अदालत में युवक की पेशी के बाद ऑटो में बैठाकर ले जा रहे थे पुलिस कर्मी
गैंगवार में युवक की हत्या, पुलिस ने आठ लोगों को नामजद करके अन्य के खिलाफ किया केस दर्ज