अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंद्र कौर की अदालत ने मंगलवार को चूरापोस्त की तस्करी व धोखाधड़ी के आरोप में तस्कर को दोषी करार देते हुए उसे दस वर्ष का कारावास तथा एक लाख दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने की सूरत में दोषी को डेढ़ वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार स्पेशल स्टाफ के एएसआई सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पांच जून 2015 को पुलिस कर्मी गांव रामराये के निकट जींद-हांसी मार्ग पर आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रखे हुए थे। देर रात को स्पेशल स्टाफ कर्मियों ने हांसी की तरफ से आ रही आई 20 गाड़ी को रुकवा कर तलाशी ली तो उसमें पिछली सीट के नीचे 18 कट्टे रखे मिले। कट्टों की जांच करने पर उसमें से चूरापोस्त मिला। पुलिस कर्मियों ने कार में सवार व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। कार सवार की पहचान गांव जावलिया, जिला संगरूर, पंजाब निवासी छैंदा के रूप में हुई थी। चूरापोस्त के कट्टों से 360 किलोग्राम चूरापोस्ट मिला था। पुलिस जांच में गाड़ी के चेसिस तथा नंबरों के साथ छेड़छाड़ भी पाई गई थी। सदर थाना पुलिस ने छैंदा के खिलाफ नशीले पदार्थ निरोधक अधिनियम व धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंद्र कौर की छैंदा को दोषी करार देते हुए दस वर्ष का कारावास तथा एक लाख दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर डेढ़ वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।