जींद। निर्माण मजदूरों ने मांगों को लेकर वीरवार को शहर में प्रदर्शन कर लघु सचिवालय पहुंचे, जहां पर उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने 31 अगस्त को श्रममंत्री अनिल विज के आवास पर प्रदर्शन करने का फैसला लिया। यदि फिर भी समाधान नहीं हुआ तो 14 सितंबर को प्रदेशभर के निर्माण मजदूर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
वीरवार सुबह निर्माण मजदूर नेहरू पार्क में एकत्रित हुए और वहां जनसभा की। इसकी अध्यक्षता भवन निर्माण कामगार यूनियन हरियाणा संबंधित सीटू जिला कमेटी प्रधान जोगिंद्र ईगराह ने की। संचालन जिला सचिव संदीप जाजवान और सहसचिव पवन कुमार ने किया।
राज्य महासचिव सुखबीर सिंह ने बताया कि भाजपा सरकार भ्रष्ट अधिकारियों और दलालों की बजाए लाखों निर्माण मजदूर, कारीगरों पर कार्रवाई कर रही हैं। सरकार की तानाशाही पूर्ण रवैये के चलते दो महीने से बोर्ड की साइट को बंद कर दिया हैं, जिस कारण 10 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की सुविधाओं पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी है।
साइट के बंद होने से निर्माण मजदूर ना केवल पंजीकरण से वंचित हो रहे हैं बल्कि तमाम सुविधाओं से भी वंचित होना पड़ रहा हैं। पिछले चार माह से पास हुए कन्यादान और अन्य सुविधा आवेदनों की राशि को भी जारी नहीं किया जा रहा है।
हरियाणा सरकार बोर्ड के पैसे का बड़े पैमाने पर राजनीतिक हितों को पूरा करने के लिए दुरुपयोग कर रही है। श्रममंत्री अनिल विज ने 10 लाख निर्माण श्रमिकों की जांच किए बगैर साइट अस्थाई रूप से बंद कर दी।
महासचिव ने बताया कि पिछले 10 सालों से सरकार ने न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी नहीं की है। कमरतोड़ महंगाई और बेरोजगारी के चलते श्रम कल्याण बोर्ड मजदूरों के लिए एक आशा की उम्मीद थी, जिसको सरकार भ्रष्टाचार के नाम पर खत्म करना चाहती है।
बोर्ड के अधिकारियों की मनमानी शर्तों के चलते लाखों मजदूरों के सुविधा फार्मो को रद्द किया जा चुका है। फैमिली आईडी की बाध्यता के चलते लाखों प्रवासी निर्माण मजदूरों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा हैं जबकि बोर्ड के नियम की भी सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
इस अवसर पर रामदास, राजेश बरहा, जगदीश करसिंधु, मोहन, रमेश, कश्मीर ईगराह, संतोष मांडो, बिट्टू, गुलाब, सुल्तान जांगड़ा, राजपाल, आनंद, पर्मेंद्र, दलबीर, दीनदयाल, सुमन, रिंकू, राजकुमार, सुरेंद्र मौजूद रहे।