जींद। डीसी डॉ. मनोज कुमार और खाद्य, सार्वजनिक वितरण विभाग, (चीनी और वनस्पति तेल ) मंत्रालय के निदेशक एवं जल शक्ति अभियान के केंद्रीय नोडल अधिकारी संगीत सिंघाल तथा जल शक्ति मंत्रालय छत्तीसगढ़ से तकनीकी वैज्ञानिक सुश्री बिजिमोल जोस ने लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह के सभागार में रविवार को जल शक्ति अभियान के तहत जिला में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने संबंधित विभागों अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। इस मौके पर उनके साथ जिला परिषद के सीईओ दलबीर सिंह, डिप्टी सीईओ रेनूका नांदल, सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता राजेश बिश्रोई, पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रेम सिंह राणा, राजीव राठी, मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी राकेश कुमार और संबधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डीसी ने जल शक्ति अभियान की केंद्रीय टीम को आश्वस्त करते हुए बताया कि जल शक्ति अभियान के तहत जिला में करवाए जा रहे कार्यों को तेजी से करवाया जा रहा है। समय-समय पर अधिकारियों द्वारा करवाए जा रहे कार्यों का निरीक्षण भी करवाया जा रहा है।
डीसी डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत दिए गए लक्ष्यों के अनुरूप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सोखता गड्डा आदि स्थापित करवाए जा रहे है। अभियान को जन जागरण का रूप देते हुए संबंधित विभाग अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन कार्यक्रमों में संबंधित विभाग व स्कूली बच्चों को शामिल किया जाए। स्कूली बच्चों द्वारा गांवों में प्रभात फेरी, नुक्कड़ नाटक व विद्यार्थी अपने-अपने घरों में भी अभिभावकों तथा परिवार के लोगों को जल शक्ति अभियान बारे अवगत कराएं।
केंद्रीय मंत्रालय को करवाया अवगत
केंद्रीय नोडल अधिकारी संगीत सिंघाल की टीम ने जींद जिला में जल संरक्षण अभियान को लेकर चल रहे विकास कार्यो की समीक्षा करने के लिए दौरा भी किया। अधिकारियों ने जिला में पूरे हुए और निर्माणाधीन कार्यों का केंद्रीय मंत्रालय को भी अवगत करवाया गया। इस पर केंद्रीय टीम द्वारा जल शक्ति अभियान को लेकर जिला में जल संरक्षण और पर्यावरण से संबंधित करवाए गए कार्यो की सराहना की और कहा कि विभागों ने अपने द्वारा करवाए गए कार्यों में रूचि दिखाई है। उन्होंने अधिकारियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत जिला में जितने भी कार्य चल रहे है, उनमें रूची दिखाते हुए उन्हे पूर्ण करवाना सुनिश्ति करें, इस पर अधिकारियों ने कमेटी को अवगत करवाया कि जिला में जल शक्ति अभियान को लेकर लगभग 40 प्रतिशत से अधिक कार्यों को पूरा कर लिया है और शेष बचे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर लिया जाएगा।
बड़ौदा सहित कई गांवों का किया दौरा
केंद्रीय नोडल अधिकारी ने इस दौरान अधिकारियों के साथ जींद के सिचांई विभाग में बने जल शक्ति केंद्र बडौदा गांव स्थित वन मंडल विभाग की नर्सरी में पौध्ररोपण कर अवलोकन भी किया। जल शक्ति केंद्र को लेकर अधिकारियों को कहा कि इस केंद्र में जल शक्ति अभियान को लेकर लाइब्रेरी बनाई जाए, जिसमें स्कूली बच्चे, किसानों, प्रबुद्ध जन,नेहरू युवा केन्द्र, एनसीसी, एनएसएस के विद्यार्थी तथा विभिन्न संस्थाओं को जोड़ें ताकि जल बचाने के तरीके सिख सकें । इसी कड़ी में केन्द्रीय टीम ने डूमरखां कलां गांव में बने जलघर में नहरी व बरसाती पानी को पीने लायक बनाने की तकनीकी विधि भी जानी, उन्होंने कहा कि जलघर में पड़ी खाली जमीन में पौधा रोपण किया जाए। इसके बाद टीम द्वारा गुलथली, गुरुसर, कान्हाखेड़ा में अमृत सरोवर योजना के तहत बनाए गए तालाबों का निरीक्षण भी किया।