नरवाना। लघु सचिवालय स्थित सभागार में एसडीएम जगदीश चंद्र की अध्यक्षता में बुधवार को अधिकारियों की एक बैठक हुई। इसमें अधिकारियों ने बताया कि जिन किसानों की फसलें भारी बरसात से खराब हुई हैं उनके लिए सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है।
किसान अपनी फसल खराबे का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। इससे रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी और मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। बैठक में एसडीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में किसी भी हालत में जलभराव नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जहां भी पानी ठहरने की आशंका है। वहां पंपसेट लगाकर निकासी की व्यवस्था की जाए। स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, पशु अस्पताल और अन्य सार्वजनिक भवनों में यदि पानी जमा है तो तुरंत कार्रवाई कर उसे बाहर निकाला जाए।
इसके लिए नगर पार्षदों और ग्राम पंचायतों का सहयोग भी अनिवार्य रूप से लिया जाए। एसडीएम ने पंचायतों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी ग्राम पंचायतें मिट्टी भरे थैले, तिरपाल और डीजल पंपसेट सहित आवश्यक सामग्री पहले से तैयार रखें। जिन जगहों पर पानी आने की संभावना है, वहां मिट्टी भरे थैलों से बांध बनाकर अवरोधक खड़े किए जाएं।
साथ ही पंपसेट हमेशा चालू हालत में रखे जाएं ताकि आपात स्थिति में तुरंत इस्तेमाल हो सकें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए। एसएमओ को कहा गया कि जल निकासी के बाद प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत दवाई छिड़काव और फॉगिंग की जाए ताकि मच्छरों और संक्रामक बीमारियों का प्रकोप न फैल पाए।
इसके अलावा एसडीएम ने सभी अधिकारियों को मुख्यालय पर तैनात रहने और हल्का पटवारियों व ग्राम सचिवों को अपने गांवों में ही रहकर स्थिति की रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए। बैठक में एक्सईएन सिंचाई विभाग सौरभ गर्ग, एक्सईएन बिजली विभाग जोगिंदर, बीडीपीओ अक्षयदीप, ईओ नगर परिषद रविंद्र कुमार, एसएमओ डॉ. देवेंद्र बिंदलिश, डॉ. रजनीश, एसडीओ विभिन्न विभागों सहित सरपंच एसोसिएशन प्रधान बीरू सरपंच कलौदा और सुनील सरपंच उझाना भी मौजूद रहे।
एसडीएम ने किया कई गावों का दौरा
बैठक के बाद एसडीएम ने डीएसपी कमलदीप राणा, तहसीलदार निखिल सिंगला और अन्य अधिकारियों की टीम के साथ दनौदा, सैंथली, जाजनवाला, भीखेवाला और सुलेहड़ा सहित करीब आधा दर्जन गांवों का दौरा किया। यहां तालाबों के ओवरफ्लो और बरसाती पानी के कारण हुए जलभराव का मौके पर निरीक्षण किया गया।