कपड़े की खरीदारी करती युवती। संवाद
रेवाड़ी। त्योहारों का सीजन शुरू होते ही शहर का कपड़ा बाजार रंग-बिरंगे परिधानों से सजने लगा है। नवरात्र, दशहरा, करवा चौथ और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों को देखते हुए ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। लंबे समय से मंदी की मार झेल रहे कपड़ा कारोबारियों के चेहरे इन दिनों खिले हुए दिखाई दे रहे हैं।
बाजारों में बढ़ रही आवाजाही से व्यापारी इस बार बेहतर कारोबार की उम्मीद जता रहे हैं। कपड़ा बाजार के व्यापारी साहिल यादव, राजेश गुप्ता का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से व्यापार सुस्त था लेकिन जीएसटी के नए बदलावों से त्योहारी सीजन में कारोबार को नई गति देने का कार्य किया है।
ग्राहकों की बढ़ती मांग को देखते हुए पहले से ही स्टॉक बढ़ा लिया है। इस बार बाजार में डिजाइनर साड़ियां, सूट, लहंगे और त्योहारों पर पहने जाने वाले पारंपरिक कपड़ों की भरमार है। खासकर महिलाओं और युवतियों की पसंद को ध्यान में रखते हुए नई-नई वैराइटी मंगाई गई है।
महिलाओं की पहली पसंद सिल्क के कपड़े
कपड़ा व्यापारी रमेश सैनी, लक्ष्मी यादव ने बताया कि ग्राहकों का रुझान इस बार सिल्क, जॉर्जेट और कॉटन मिक्स फैब्रिक की ओर ज्यादा देखा जा रहा है। वहीं युवाओं के लिए फैशनेबल कुर्ता-पायजामा और वेस्टर्न आउटफिट भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। लोग खासतौर पर त्योहारों पर नए कपड़े खरीदना शुभ मानते हैं, यही कारण है कि इन दिनों मांग में तेजी आई है। नवरात्र में साड़ियों की अधिक खरीद होती है।
पिछले साल की तुलना में इस बार त्योहारी सीजन की शुरुआत बेहतर रही है। ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हमें उम्मीद है कि दीपावली तक कारोबार में कई गुना वृद्धि होगी। वहीं ग्राहक भी नए कलेक्शन को लेकर उत्साहित दिख रहे हैं। कपड़ा बाजार की रौनक से साफ है कि आने वाले दिनों में कारोबार में और तेजी आएगी।