28जेएनडी40 : खेतों में लहलहाती सरसों की फसल। संवाद
जींद। पूरी जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ने के बाद अब मौसम बदलने लगा है। दो दिन में ही एकदम ठंड कम हो गई है। दो दिन पहले तक न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस था, जो रविवार को नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी प्रकार अधिकतम तापमान भी 14 डिग्री सेल्सियस पर अटका हुआ था, जो 18 तक पहुंच गया है। तेज हवा चलने के बावजूद रविवार को दिन में ठंड महसूस नहीं हुई। वहीं दिन में धूप भी बहुत कम निकली।
सुबह मौसम एकदम साफ रहा। शुक्रवार व शनिवार को तेज धूप निकली तो रविवार को बहुत कम धूप निकली। दो दिन तेज धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी महसूस की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार को बारिश की संभावना जताई जा रही है। रविवार को हवा की गति 10 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद ठिठुरन नहीं हुई। हवा में नमी की मात्रा 80 प्रतिशत दर्ज की गई। एकदम तापमान बढ़ने से फसलों पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को बारिश की संभावना है। बारिश होने के बाद तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की जाएगी। यदि इसी प्रकार से तापमान बढ़ रहा तो 10 फरवरी के आसपास अधिक तापमान होने से गेहूं की फसल दाना पकने से पहले ही पकनी शुरू हो जाएगी।
सोमवार को कुछ तापमान में कमी आए, लेकिन अधिकतम तापमान बढ़ेगा। बुधवार-वीरवार को बारिश की संभावना है। यदि बारिश होती है तो यह फसलों के लिए लाभकारी होगी। बारिश होने के बाद एक बार फिर तापमान में कुछ कमी आएगी। किसानों को तापमान अधिक होने के चलते फसलों में सिंचाई करनी चाहिए।-डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा।
28जेएनडी40 : खेतों में लहलहाती सरसों की फसल। संवाद