जींद। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव मोनिका ने वीरवार को सोमनाथ मंदिर के नजदीक नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
केंद्र में नौ व्यक्ति उपचाराधीन मिले। सीजेएम ने केंद्र में रह रहे व्यक्तियों को दी जानी वाली सुविधाओं की जानकारी ली और जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने स्टाफ को निर्देश दिए कि पीड़ितों की देखरेख में कोई कमी नहीं आनी चाहिए तथा उनके स्वास्थ्य से संबंधित कोई भी लापरवाही ना की जाए।
उन्होंने नशे की परिभाषा से लेकर, उसके प्रकार, प्रतिबंधित और चेतावनी युक्त नशा के बारे में बताया।
सचिव मोनिका ने बताया कि भारत में वर्ष 1985 से एनडीपीएस एक्ट अर्थात नारकोटिक्स ड्रग्स एक्ट लागू किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत होने वाले अपराध संज्ञेय और अजमानतीय होते हैं। इसमें कठोर दंड के प्रावधान हैं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 जारी किया गया है। इस हेल्पलाइन नंबर पर किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। 12 जुलाई को न्यायिक परिसर जींद, नरवाना और सफीदों में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई जाएगी।