नागरिक अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस।
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नियम का पालन नहीं करते हुए आउटसोर्स एजेंसी द्वारा नागरिक अस्पताल में रखे गए दो एंबुलेंस चालकों को हटाने का निर्देश जारी किया गया है। यह निर्देश सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने जारी करते हुए चालकों की हुई भर्ती में पहली कार्रवाई की है। जांच कमेटी ने इन चालकों को हटाने की अनुशंसा की थी। इस मामले में अभी एक और कर्मचारी पर गाज गिर सकती है।
जानकारी के लिए नागरिक अस्पताल में आउटसोर्स एजेंसी ने दस एंबुलेंस चालकों की भर्ती की थी। इनमें से दो को मार्च में भर्ती किया गया था। अस्पताल प्रशासन को संदेह हुआ कि आउटसोर्स एजेंसी ने एंबुलेंस चालकों की भर्ती में नियमों की अनदेखी की गई है। सिविल सर्जन ने मामला संज्ञान में आते ही इसकी जांच के निर्देश दिए थे। जांच में सामने आया कि दो एंबुलेंस चालकों के पास तीन साल पुराना लाइसेंस नहीं था, जबकि नियमों के अनुसार चालक के पास तीन साल पुराना लाइसेंस का होना जरूरी है। इसके अलावा जांच कमेटी ने आउटसोर्स एजेंसी व रेफरल मैनेजर को भी इस मामले में लापरवाही की। रेफरल मैनेजर इन चालकों का कोई रिकार्ड प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच कमेटी ने तीन दिन पहले अपनी रिपोर्ट सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह को सौंप दी थी। इसमें एंबुलेंस चालक नरेश व अजय को हटाने की सिफारिश की गई थी। अब सिविल सर्जन ने आउटसोर्स एजेंसी को दोनोें को हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जांच टीम ने एक अन्य कर्मचारी पर भी लापरवाही के आरोप लगाए हैं। इस कर्मचारी पर भी गाज गिर सकती है।
जांच कमेटी द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर आउटसोर्स एजेंसी को एंबुलेंस चालक नरेश व अजय को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। जांच कमेटी को इन दोनों एंबुलेंस चालकों के पास नियमों के अनुसार कागजात नहीं मिले थे।
डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन, जींद।