जींद। शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत मकान बनवाने का सपना संजो रहे जरूरतमंद लोगों को सहायता राशि के लिए इंतजार करना होगा। दरअसल नगर परिषद के पास प्रधानमंत्री आवास योजना का बजट समाप्त हो गया है। अब कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान ने मुख्यालय को 15 करोड़ की राशि के लिए पत्र लिखा है। जींद शहर में कुल 1335 लोगों पात्र थे, जिनमें से मात्र 49 के ही घर बन पाए हैं। 1286 लोगों को अभी योजना को लाभ मिलना बाकी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना है। इसके तहत हर परिवार को छत मुहैया करवाई जानी है। ऐसे में जींद शहर में परियोजना को नगर परिषद द्वारा संभाला जा रहा है। यह परियोजना दो साल पहले शुरू हुई थी। इसके तहत नगर परिषद के पास नौ करोड़ 94 लाख सात हजार रुपये आ चुके हैं। इसमें से 49 लाभार्थियों को ढाई लाख रुपये की राशि पूरी दी जा चुकी है। इसके अलावा 362 लोगों को पहली व 595 लोगों को दूसर किस्त दी जा चुकी है। अब तक कुल नौ करोड़ 85 लाख रुपये लाभार्थियों को जारी हो चुके हैं। वहीं मरम्मत के लिए 22 लोगों को किस्त जारी की गई हैं। इसमें से दस लोगों को पहली व 12 को दूसरी किस्त दी गई है। कुल 1286 लोग ऐसे हैं, जिनके मकान अभी तक नहीं बन पाए हैं। अब सरकार से पैसा मिलने के बाद इनके खातों में जरूरत के अनुसार पैसे डाले जाएंगे।
तीन बार में डाले जाते हैं ढाई लाख रुपये
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहली किस्त एक लाख रुपये, दूसरी किस्त एक लाख रुपये और तीसरी किस्त 50 हजार रुपये की जाती है। वहीं मकान मरम्मत के लिए पहली और दूसरी किस्त 60 हजार रुपये जबकि तीसरी किस्त 30 हजार रुपये की होती है। कुल 49 लोग ही ऐसे हैं, जिनको तीनों किस्त मिल चुकी हैं। नए मकान के लिए नगर परिषद द्वारा डीपीसी के स्तर पर एक लाख रुपये, डोर लेवल लेंटर पर एक लाख रुपये व छत आने पर 50 हजार रुपये दिए जाते हैं।
ग्रामीण क्षेत्र के लिए दो साल से नहीं मिला लक्ष्य
ग्रामीण क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना का काम डीआरडीए द्वारा देखा जाता है। हालांकि दिसंबर 2018 के बाद से जिले को नया लक्ष्य नहीं मिला है। हालांकि अब तक 804 मकानों का लक्ष्य मिला है। इनमें से 790 मकान बन चुके हैं। 14 लोग ऐसे हैं, जिनके खाते में एक या दो किस्त डाली जा चुकी है, लेकिन आगे इनके मकान का काम शुरू नहीं हो सका है। अब ऐसे लोगों से राशि की रिकवरी की जाएगी। अभी तक ग्रामीण क्षेत्र के 6505 लोगों ने आवेदन किया है, लेकिन नए लक्ष्य नहीं आने के कारण आवेदन पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
फिलहाल प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि समाप्त हो गई है। इसके लिए मुख्यालय को पत्र भेज कर राशि मांगी गई है। जैसे ही राशि आती है, जरूरत के अनुसार लोगों में बांट दी जाएगी। - डॉ. एसके चौहान, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगर परिषद।