शहर की एक कालोनी में नाबालिग बच्चे के साथ कुकर्म करने के आरोपी पिता व चाचा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया। जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
करीब पांच दिन पहले पानीपत के रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालात मेें सफीदों का 11 वर्षीय एक बच्चा पुलिस को मिला। इसके बाद बच्चे ने परिजनों के पास जाने से मना कर दिया। इसके बाद रेलवे पुलिस ने बच्चे को 21 अप्रैल को उसे पानीपत के सेक्टर-6 स्थित बाल आश्रम में छोड़ दिया था। बुधवार को पानीपत के सीजेएम मोहित अग्रवाल ने बाल आश्रम का औचक निरीक्षण किया और बच्चों से बातचीत की। इस दौरान सफीदों के 11 वर्षीय बच्चे ने बताया कि पांच साल पहले उसकी मां अचानक घर से गायब हो गई थी। इसके बाद उसका नौ वर्षीय छोटा भाई व उसके साथ मौका पाकर उसका पिता सोनू उर्फ डोलू, तो कभी ताऊ राजेश, कभी चाचा श्यामा उर्फ काला व दीपक उर्फ शेरू उनके साथ गलत काम करते है। इससे तंग आकर 21 अप्रैल को वह अकेला घर से निकल गया और सफीदों स्टेशन से ट्रेन में बैठकर सफीदों से पानीपत गया। फिर मुझे पुलिस ने पकड़ लिया और बाल आश्रम में छोड़ दिया। पुलिस ने बच्चे के बयान दर्ज करके उसके पिता सोनू उर्फ डोलू, ताऊ राजेश, चाचा श्यामा उर्फ काला व दीपक उर्फ शेरू के खिलाफ कुकर्म का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता सोनू व चाचा श्यामा को गिरफ्तार किया है।
बच्चे को बहकाकर रचा षड्यंत्र
पीड़ित बच्चे के पिता सोनू ने पुलिस को बताया कि उनको साजिश के तहत फंसाया गया है। उसने बताया कि लगभग पांच साल पहले उसकी उसके दो बच्चों को छोड़कर पानीपत चली गई थी। जहां पर वह किसी दूसरे व्यक्ति के साथ रहती है। उसके जिस बेटे ने उन पर आरोप लगाए हैं, वह उसकी मां के पास कई बार आता जाता रहता है। इसलिए उसकी पत्नी व उसके पास रहने वाले व्यक्ति ने उसके बेटे को बहकाकर उनको फंसाने की साजिश रची है। उसने अपने बेटे के साथ कुछ भी ऐसा नहीं किया है। वह साजिश का शिकार हुआ है।
सफीदों चौकी प्रभारी जयबीर ने बताया कि आरोपी पिता व चाचा को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मामले की जांच जारी है।