जींद। सीएम फ्लाइंग ने शुक्रवार को कृषि विभाग का औचक निरीक्षण करते हुए सरकार की किसान हित देय योजनाओं के रिकॉर्ड खंगाले।
जांच में सामने आया कि विभाग धान की सीधी बिजाई करने का टारगेट पूरा करने में असफल रहा। इस योजना के तहत सरकार चार हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाता है। सीएम विंडो की 112 शिकायतों की समय अवधि पूरी हो चुकी थी, लेकिन उनका समाधान नहीं किया गया था। प्रधानमंत्री किसान निधि के भी लगभग साढ़े 15 हजार आवेदन लंबित मिले। सीएम फ्लाइंग ने खामियों की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेज दी है।
सीएम फ्लाइंग को सूचना मिली थी कि किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। इसके आधार पर शुक्रवार को सीएम फ्लाइंग के सब इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिह, सतपाल तथा सिपाही विक्रम की संयुक्त टीम ने कृषि विभाग के कार्यालय में दस्तक दी। इस दौरान विभाग के अकाउंटेंट सतपाल तथा एसडीओ बलजीत सिंह टीम के साथ रहे। हाजिरी रजिस्टर सही पाया गया। कार्य शैली ठीक मिली। इसके बाद टीम ने सरकार की योजनाओं का रिकॉर्ड खंगाला तो चालू सीजन में विभाग को मशीन से सीधे धान की बिजाई का 25 हजार एकड़ का टारगेट दिया गया था, जबकि विभाग 13123 एकड़ में ही सीधी धान की बिजाई करवा सका। विभाग का 11887 एकड़ का टारगेट शार्ट रहा, जबकि सरकार सीधी बिजाई करने पर चार हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देती है। धान अवशेष प्रबंधन के लिए विभाग को पांच करोड़ 83 लाख रुपये की राशि मिली, जबकि 16 लाख 69 हजार रुपये की राशि आईडी मैच न होने के कारण अटकी मिली। इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले को 57 करोड़ 6 लाख 78 हजार रुपये मिले। 15456 किसानों के आवेदन मिस मैच की वजह से अटके पाए गए। सीएम विंडो पर विभाग को 1258 शिकायतें मिलीं, जिसमें से 112 शिकायतों की समय अवधि पूरी हो चुकी थी, जबकि 120 शिकायतें लंबित पाई गईं। विभाग को 777 खाद बीज की सैंपलिंग का टारगेट दिया गया। विभाग ने अब तक 270 खाद-बीज तथा दवाइयों की सैंपलिंग की है।
सरकार की ओर से किसानों को दी जाने वाली योजनाओं के लाभ को लेकर कृषि विभाग का निरीक्षण किया था। निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेज दी गई है। आगामी कार्रवाई कृषि विभाग करेगा। -रविंद्र कुमार, डीएसपी, सीएम फ्लाइंग, जींद।
19जेएनडी25-कृषि विभाग का निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड जांचती सीएम फ्लाइंग टीम। संवाद