जींद। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं व 12वीं की वार्षिक परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होंगी। परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रखने के लिए सीबीएसई की ओर से परामर्श दिया जाएगा। एक फरवरी से सीबीएसई वार्षिक मनो सामाजिक परामर्श सेवा शुरु की जाएगी। यह सेवा चार अप्रैल तक जारी रहेगी। इस पहल का उद्देश्य परीक्षा से संबंधित तनाव को कम करना और छात्रों को उनकी सैद्धांतिक परीक्षाओं की तैयारी में सहायता करना है। यह सेवा दो चरणों में निशुल्क प्रदान की जाएगी। इसका आयोजन परीक्षाओं से पहले, उनके दौरान और परिणामों की घोषणा के बाद भी किया जाएगा।
सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के प्राचार्य, काउंसलर, विशेष शिक्षक और मनोवैज्ञानिक की टीम छात्रों को परामर्श सहायता प्रदान करेगी। जिलेभर में सीबीएसई से संबंधित 76 स्कूल हैं, जिसमें 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा लगभग लगभग साढ़े 11 हजार विद्यार्थी परीक्षा देंगे। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थियों में अक्सर तनाव रहता है। ऐसे में सीबीएसई ने विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रखने के लिए परामर्श देने का निर्णय लिया है।
यह रहेगा शेड्यूल
15 फरवरी को दसवीं कक्षा की अंग्रेजी, 17 फरवरी को म्यूजिक, 18 फरवरी को ब्यूटी एंड वेलनेस, 22 फरवरी को संस्कृत/फ्रेंज, 25 फरवरी को सामाजिक विज्ञान, 27 फरवरी को उर्दू, 28 फरवरी को हिंदी, एक मार्च को पेंटिंग, तीन मार्च को हेल्थ केयर, पांच मार्च को एलिमेंट ऑफ बिजनेस, दस मार्च को गणित, 13 मार्च को गृह विज्ञान, 17 मार्च को पंजाबी व 18 मार्च को कंप्यूटर एप्लीकेशन विषय की परीक्षा होगी। वहीं 15 फरवरी को 12वीं कक्षा की इंटरप्रिश शिप, 17 फरवरी को फिजिकल एजुकेशन, 18 फरवरी को म्यूजिक, 21 फरवरी को फिजिक्स, 22 फरवरी को बिजनेस स्टडी, 24 फरवरी को ज्योग्राफी, 27 फरवरी को रसायन विज्ञान, 11 मार्च को अंग्रेजी, 12 मार्च को योग, 15 मार्च को हिंदी, 19 मार्च को इकोनॉमिक्स, 22 मार्च को राजनीति विज्ञान, 24 मार्च को संस्कृत, 25 मार्च को जीव विज्ञान, 26 मार्च को अकाउंट, 27 मार्च को सोशलॉजी, 29 मार्च को कंप्यूटर साइंस, एक अप्रैल को इतिहास, तीन अप्रैल को गृह विज्ञान व चार अप्रैल को मनोविज्ञान विषय की परीक्षा होगी।
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15 फरवरी से सीबीएसई दसवीं व 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा शुरू होगी। इसको लेकर सीबीएसई वार्षिक मनोसामाजिक परामर्श का आयोजन शुरू होगा। यह परामर्श चार अप्रैल तक जारी रहेगा। इसमें परीक्षा से पूर्व, परीक्षा के दौरान और परिणाम के बाद तनाव मुक्त रखने के लिए परामर्श दिया जाएगा।
रीटा अरोड़ा, डिप्टी जिला कोऑर्डिनेटर सीबीएसई।