01जेएनडी40-मोरखी में कथा से पहले पूजा अर्चना करते श्रद्धालु। संवाद
पिल्लूखेड़ा। गांव मोरखी में मोरखी तीर्थ सेवा समिति की ओर से दादा तीर्थ धाम में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा और श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें श्रीबांके बिहारी मंदिर वृंदावन धाम से कथा व्यास बृजेश गोस्वामी ने शिरकत की। कथा की शुरूआत के पहले दिन भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के गांवों की लगभग 1500 महिलाओं ने भाग लिया। श्री राधे-कृष्ण के जयघोष के साथ कलश यात्रा कस्बे के पूरे गांव की परिक्रमा करती हुई कथा स्थल पर पहुंची।
कथा व्यास बृजेश गोस्वामी ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता को पढ़ने त्रिलोकी नाथ के दर्शन हो जाते हैं। गीता सभी धर्मों का सार है। यह केवल मानव कल्याण और आध्यात्म का संदेश भी देती है। इसी भूधरा पर भगवान कृष्ण ने कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर अर्जुन को श्रीमद् भागवत गीता का संदेश दिया था। कथावाचक बृजेश गोस्वामी ने कहा कि जो श्रीमद्भागवत कथा को सुनता है, उसके जन्म-जन्म के पाप कट जाते हैं।