26जेएनडी23: बस अड्डे पर मौजूद यात्री। संवाद
- फोटो : Archive
जींद। जिले में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी का असर अब रोडवेज बस सेवा पर भी दिखाई देने लगा है। तापमान 43 डिग्री के पार पहुंचने के कारण लोग दोपहर के समय घरों से निकलने से बच रहे हैं। इसका सीधा असर रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या और डिपो की आमदनी पर पड़ रहा है।
जींद रोडवेज डिपो में इस समय लगभग 165 बसें संचालित हो रही हैं जिनमें किलोमीटर योजना के तहत चलने वाली 37 बसें भी शामिल हैं। सामान्य दिनों में प्रतिदिन करीब 15 हजार यात्री रोडवेज बसों में सफर करते हैं लेकिन भीषण गर्मी के चलते अब यात्रियों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है। खासकर दोपहर के समय अधिकांश बसें आधी खाली चल रही हैं।
मार्च महीने में डिपो की दैनिक आय 10 लाख रुपये से अधिक रहती थी लेकिन अप्रैल में यह घटकर करीब साढ़े नौ लाख रुपये रह गई। वहीं मई महीने में गर्मी और लू बढ़ने के कारण आय में और गिरावट आई है और यह करीब नौ लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है। यात्री अब सुबह और शाम के समय यात्रा करना अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक मान रहे हैं। दोपहर के समय बस अड्डों और बसों में अपेक्षाकृत कम भीड़ दिखाई दे रही है।
बाक्स
इस समय गर्मी अधिक होने के कारण यात्री साधारण बसों की अपेक्षा वातानुकूलित बसों में सफर करना पसंद कर रहे हैं। जींद डिपो की 10 वातानुकूलित बसें चंडीगढ़ और गुरुग्राम जैसे लंबे मार्गों पर संचालित की जा रही हैं जिनमें यात्रियों की संख्या सामान्य बनी हुई है।
-राहुल जैन, रोडवेज महाप्रबंधक जींद।