जींद। रोहतक के पहरावर गांव में भगवान परशुराम जयंती महोत्सव में शामिल होने वाले लोगों को ले जाने के लिए जींद डिपो से 50 बसें भेजीं गईं। इसके चलते जींद से रोहतक रूट पर सात, पानीपत रूट पर चार, गुरुग्राम रूट पर दो और भिवानी रूट पर बसों के तीन फेरे मिस रहे। बसों के फेरे कम होने पर इन रूटों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पहरावर में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को ले जाने के लिए जींद से 41 बस मांगी गई थी, लेकिन शुक्रवार को 35 बसें भेजी गईं। 15 बस पानीपत डिपो को कार्यक्रम के लिए उपलब्ध करवाई गई।
जींद डिपो में इस समय रोडवेज बसों की संख्या 168 हैं और परिवहन समिति की बसों की संख्या 162 है। जींद डिपो की बसों में हर रोज लगभग 16 हजार यात्री सफर करते हैं, जिससे डिपो को एक दिन में लगभग दस लाख रुपये से ज्यादा का राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन इतनी संख्या में बसों के जाने पर यात्रियों को रोहतक, भिवानी, गुरुग्राम और पानीपत जैसे रूट पर परेशानी हुई।
हांसी, असंध, नरवाना और गोहाना जैसे लोकल रूट पर यात्रियों को प्राइवेट बसों का ही सहारा होता है। जिलेभर में अलग-अलग रूटों पर 162 प्राइवेट बसें दौड़ रही हैं। इनमें नरवाना रूट पर 31, असंध रूट पर 16, गोहाना और बरवाला रूट पर 19, हांसी रूट पर 26, जींद से पानीपत रूट पर 26, पिल्लूखेड़ा से रोहतक रूट पर पांच, नरवाना से कैथल रूट पर 24 निजी बसें चलती हैं।
30जेएनडी16-मनजीत। संवाद
30जेएनडी16-मनजीत। संवाद