जुलाना के वार्ड नंबर 12 निवासी भैंस व्यापारी 56 वर्षीय रामधारी ने गांव करसोला में अपने व्यापार के साझेदार व्यक्ति के घर में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। रामधारी को साझेदार से दो लाख 80 हजार रुपये लेने थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि रामधारी ने पैसे नहीं मिलने के चलते मजबूरी में फांसी का फंदा लगाया है। पुलिस ने मृतक के बेटे की शिकायत पर उसके व्यापार में साझेदार दो लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।
रामधारी करसोला गांव निवासी विजय और ब्राह्मणवास गांव निवासी सोनू के साथ मिलकर भैंस का व्यापार करता था। रामधारी ने सोनू से एक भैंस लेकर विजय को दिलवाई थी। सोनू उस पर पैसे देने के लिए दबाव बना रहा था। शनिवार को रामधारी विजय से पैसे लेने के लिए उसके गांव करसोला गया हुआ था। वह यहां पर दिनभर रहा। इसके बाद विजय कहीं चला गया। शाम को विजय के परिजनों ने देखा कि रामधारी उनके तूड़ी वाले कमरे में फांसी के फंदे पर लटका हुआ है। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रामधारी के शव को फंदे से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल जींद पहुंचाया।
जुलाना थाना पुलिस को दिए बयान में रामधारी के लड़के 19 वर्षीय अंकित ने कहा कि उसके पिता को सोनू और विजय ने आत्महत्या के लिए मजबूर किया है। शनिवार सुबह उसके पिता विजय से दो लाख 80 हजार रुपये लेने के लिए उसके घर गए थे। विजय पैसे देने से मना कर रहा था। उसके पिता ने बार-बार विजय से रुपये मांगे, लेकिन उसने नहीं दिए। दूसरी तरफ सोनू उसके पिता पर पैसे देने के लिए दबाव बना रहा था। इसी से परेशान होकर उसके पिता ने आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने अंकित की शिकायत पर सोनू और विजय के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।
तीन साल से तीनों मिलकर करते थे भैंसों का व्यापार
रामधारी, सोनू और विजय तीन साल से साझेदारी में भैंसों का व्यापार करते थे। भैंसों का व्यापार मंदा होने के कारण उनको कुछ घाटा भी हो गया था। तीनों भैंसों को खरीदने के बाद आगे बेच देते थे। कुछ दिन पहले विजय को एक भैंस की जरूरत थी तो रामधारी ने सोनू के घर से भैंस विजय को दिला दी। सोनू ने कहा कि यह भैंस रामधारी ने ही उससे लेकर विजय को बेच दी है, इसलिए वह पैसे अब रामधारी से लेगा। रामधारी ने विजय से पैसे मांगे लेकिन विजय ने नहीं दिए।
रामधारी के बच्चे करते हैं मजदूरी
रामधारी की आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी। उसके दो बेटे हैं, जो मजदूरी करते हैं। अंकित ने अपने पिता से कहा था कि भैंसों के व्यापार में कोई लाभ नहीं है, इसलिए छोड़ दो। वह दोनों भाई मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर लेंगे, लेकिन रामधारी नहीं माना और भैंसों का व्यापार करता रहा। इस व्यापार में उसे कुछ घाटा भी उठाना पड़ा। अब विजय पैसे नहीं दे रहा था, जिससे वह परेशान था।
रामधारी के शव का रविवार सुबह पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतक के बेटे अंकित की शिकायत पर ब्राह्मणवास निवासी सोनू तथा करसोला निवासी विजय के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर लिया गया है। दो लाख 80 हजार रुपये के आपसी लेनदेन का मामला बताया जा रहा है। पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
कृष्ण, जांच अधिकारी, जुलाना था।
नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने पहुंचे परिजन। संवाद - फोटो : Jind