जींद। गैस सिलिंडर के दाम में लगातार वृद्धि हो गई है। अचानक दाम बढ़ने से जहां आम आदमी पर महंगाई की मार पड़ी है। वहीं महिलाओं की रसोई का बजट बिगड़ गया है। अब 750 रुपये में गैस सिलिंडर मिलेगा। सब्सिडी भी पांच से 10 रुपये ही मिल रही है।
वर्ष 2015 में उपभोक्ताओं को 125 रुपये से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में मिलती थी। जिले में 25 गैस एजेंसियों पर एक लाख 45 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं। करीब पांच साल पहले सरकार गैस सिलिंडरों पर सब्सिडी योजना लेकर आई थी। मकसद था कि इससे सिलिंडरों की कालाबाजारी खत्म हो जाएगी। उस समय उपभोक्ताओं को 416 रुपये 50 पैसे का सिलिंडर मिलता था। सिलिंडर के रेट अप डाउन के साथ सब्सिडी के रेट भी उसी दर से घटते और बढ़ते थे। इससे उपभोक्ताओं को नुकसान नहीं था, लेकिन अब सिलिंडर के रेट बढ़ रहे हैं लेकिन सब्सिडी 5 से 10 रुपये तक ही रह गई है। हालांकि उपभोक्ता के लिए कुछ आसानी जरूर हुई है। अब मिस कॉल से सिलिंडर बुक करवा सकते हैं। गैस एजेंसी पर रजिस्टर्ड नंबर पर उपभोक्ता को सिर्फ मिस कॉल करनी है। इसमें गैस सिलिंडर बुक हो जाता है। इससे उपभोक्ताओं का समय भी बचता है और सिलिंडर समय पर घर पहुंच जाता है।
सर्दी में मुश्किल से एक महीना चलता है सिलिंडर
गैस सिलिंडर के दाम बेतहाशा बढ़ गए हैं। जब से सब्सिडी शुरू की है और अब तक दाम के अनुसार 300 रुपये प्रति सिलिंडर के रेट बढ़े हैं। सर्दी में एक महीना मुश्किल से सिलिंडर चलता है। अब सिलिंडर 750 रुपये में मिल रहा है। रसोई में दाल, तेल व रिफाइंड के दाम भी बढ़े हैं। इस तरह रसोई का बजट 3500 रुपये से पांच हजार रुपये तक पहुंच गया है। - ममता, गृहिणी
नाममात्र रह गई सब्सिडी
अब सिलिंडर के दाम 750 रुपये हो गए हैं। सरकार सब्सिडी बिल्कुल बंद कर देगी। अब पांच से दस रुपये ही सब्सिडी रह गई। इससे प्रत्येक घर का खर्चा बढ़ा है। सरकार को सिलिंडर के दाम कम करवाने चाहिए। वहीं सब्सिडी पहले की तरह मिलनी चाहिए। पहले 125 रुपये तक सब्सिडी मिलती थी, जो अब नाममात्र रह गई है। - किरण, गृहिणी
यह फैसला केंद्र सरकार का है। केंद्र सरकार ने सब्सिडी को कम कर दिया है, जिसके कारण अब सिलिंडर के दाम बढ़ गए हैं। पहले सब्सिडी ज्यादा आती थी जो अब कम आ रही है। - सुरेंद्र सैनी, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक जींद।