जींद। लगातार बढ़ रही ठंड को देखते हुए डीसी ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में टूटी खिड़की और दरवाजों को ठीक करवाने के निर्देश दिए हैं ताकि सर्दी के मौसम में बच्चों को शीत लहर से बचाया जा सके। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूल मुखियाओं को पत्र लिखकर जल्द से जल्द दरवाजे और खिड़कियों को ठीक करवाने के निर्देश दिए। हालांकि अभी तक मुख्यालय से ड़्यूल डेस्क नहीं आए हैं। इस वजह से बच्चों को सर्दी में नीचे टाटपट्टी पर बैठना पड़ रहा है।
जिले में 724 सरकारी स्कूल हैं। इनमें लगभग सवा दो लाख विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं। सर्दी को देखते हुए डीसी ने स्कूलों में अव्यवस्थाओं के सुधार के निर्देश दिए हैं। अब स्कूलों में टूटी खिड़की व दरवाजों को ठीक करवाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि शीत लहर से विद्यार्थियों को बचाया जा सके। इसके अलावा विद्यालय के सभी बच्चों को शीत लहर से बचने के लिए गर्म कपड़े, जूते व जुराब पहनकर ही स्कूल आने की हिदायत दी गई है। स्कूल मुखियाओं के लिए निर्देश दिए कि विद्यालय में बच्चों को कक्षा कक्ष में बैठाया जाए, ठंड के दौरान बच्चों को बाहर न बैठाया जाए। इसके अलावा जो भी अन्य जरूरी कदम उठाने हो, वह भी किया जाए। जिले में कई स्कूलों में खिड़कियां टूटी हुई हैं।
ड्यूल डेस्क की भेजी हुई है मांग
कुछ समय पहले शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार ड्यूल डेस्क उपलब्ध करवाने के लिए पोर्टल खोला था ताकि सर्दी में विद्यार्थियों को नीचे न बैठना पड़े। अभी तक शिक्षा विभाग ने जिन स्कूलों से ड्यूल डेस्क की मांग की थी, उनके ड्यूल डेस्क नहीं पहुंचाए गए हैं। इसके चलते कई स्कूलों में बच्चों को जमीन पर टाट बिछाकर ही बैठना पड़ रहा है।
वर्जन
सभी स्कूल मुखियाओं को दिए निर्देश
जिले के सभी स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूलों में कमरों की खिड़की या दरवाजे टूटे हैं, उनको ठीक करवाया जाए। शीत लहर के प्रभाव से विद्यार्थियों को बचाने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इस काम को जल्द से जल्द करवाने के निर्देश दिए हैं।
- विजय लक्ष्मी, जिला शिक्षा अधिकारी, जींद।
फोटो कैप्शन
27जेएनडी 11: जिले के एक गांव के स्कूल के कमरे का टूटा दरवाजा। संवाद
27जेएनडी12: जिले के एक गांव के स्कूल के कमरे की टूटी खिड़की। संवाद
27जेएनडी13: स्कूल के शौचालय का टूटा दरवाजा। संवाद
27जेएनडी12: जिले के एक गांव के स्कूल के कमरे की टूटी खिड़की। संवाद