उचाना। स्कूलों में आए दिन विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण व पौधरोपण के लिए जागरूक करने वाले ही पर्यावरण का ध्यान नहीं रख पा रहे। यह मामला बड़ौदा के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आया है। इसमें हरे-भरे पेड़ों के ढालों पर आरी चलवाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ स्कूल की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाने का काम स्कूल प्रशासन ने किया है।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ौदा में खड़े हरे पेड़ों की कटिंग के नाम पर बड़ी शाखाओं को ही काट दिया गया। इसमें बड़ी बात यह सामने आई है कि इन पेड़ों की बड़ी शाखाओं को काटने से पहले न तो बोली करवाई गई और न ही कोई टेंडर प्रकिया अपनाई गई। ग्रामीणों के अनुसार गुपचुप तरीके से इन पेड़ों की शाखाओं को कटवा दिया गा। इनके लिए नियमानुसार कार्रवाई नहीं अपनाई गई। इससे स्कूल की संपत्ति को तो नुकसान होने के साथ पर्यावरण की सुरक्षा में हर समय योगदान देने वाले व समाज में मान्यता रखने वाले पीपल के पेड़ों को भी कटिंग के नाम पर नुकसान पहुंचाया गया है।
एसएमसी कमेटी में करवाया प्रस्ताव पास
पेड़ों की कटिंग करवाने के लिए एसएमसी कमेटी में प्रस्ताव पास करवाया गया है। इसमें पेड़ों की शाखाएं नहीं, बल्कि टहनियों की छंटाई करवाई गई है। कटवाई गई टहनियां स्कूल में ही रखवाई गई हैं। अब इनकी बोली करवाने के लिए आगामी कार्रवाई की जाएगी, ताकि स्कूल की संपत्ति को कोई नुकसान न हो। -सरोज ढांडा, स्कूल इंचार्ज।
खंड शिक्षा अधिकारी को नहीं जानकारी
बड़ौदा स्कूल से पेड़ों की शाखाओं के काटे जाने को लेकर उनको कोई जानकारी नहीं है। जब मामला संज्ञान में आएगा तो पता करवाया जाएगा। -पुष्पा, खंड शिक्षा अधिकारी, उचाना।