मेन बाजार में ज्वेलरी शॉप संचालक से आयकर अधिकारी बनकर पैसे ऐंठने का प्रयास करने वाली दोनों महिलाओं ने कॉल सेंटर की नौकरी छोड़कर अपने दोस्त से ठगी का प्रशिक्षण लिया है। दोनों महिलाएं पढ़ी-लिखी हैं और एक साल पहले तक दिल्ली के कॉल सेंटर में नौकरी करती थीं। नौकरी के दौरान ही दोनों दिल्ली निवासी एक दोस्त के संपर्क में आईं और दोनों ने कॉल सेंटर की नौकरी छोड़कर दोस्त से नकली अधिकारी बनकर ठगी करने का प्रशिक्षण एक वर्ष तक लिया। इसके बाद बुधवार को जींद में पहली बार नकली आयकर अधिकारी बनकर वारदात को अंजाम देने आई थीं। ज्वेलर्स की समझदारी के कारण दोनों महिलाएं पकड़ी गईं।
जींद के निर्जन निवासी स्वाति बीबीए पास है, जोकि 2017 में नौकरी के लिए दिल्ली गई थी। हालांकि स्वाति परिवार के लोगों के कहने-सुनने से बाहर है। इस दौरान स्वाति ने लगभग एक वर्ष तक बीमा कंपनियों में काम किया। इसके बाद 2018 में कॉल सेंटर में नौकरी शुरू की थी। इसी दौरान इसकी मुलाकात दिल्ली निवासी श्वेता से हुई। श्वेता ने लव मैरिज की थी। पति-पत्नी में विवाद रहने के कारण उसका तलाक हो गया। तलाक के बाद नौकरी शुरू की और वहां पर इन दोनों की दोस्ती हुई। इसके बाद यह अपने दिल्ली के एक दोस्त से मिली, जो इन्हें नकली अधिकारी बनकर लोगों को ठगने के बारे में बताया। इसमें इन दोनों ने कॉल सेंटर की नौकरी छोड़ दिल्ली निवासी दोस्त से प्रशिक्षण लिया। इसके बाद जींद में ज्वेलर्स की दुकान पर आयकर अधिकारी बनकर ठगने की योजना बनाई और पकड़ी गईं।
आई 20 गाड़ी में आई थीं नकली अधिकारी
नकली आयकर अधिकारी बनकर आई दोनों महिलाएं दिल्ली से आई 20 गाड़ी में आई थीं। ठगी को अंजाम देकर वापस दिल्ली जाने की योजना थी, ताकि प्रशिक्षण देने वाले दोस्त के साथ जाकर पार्टी की जाए। गाड़ियों में घूमने और मस्ती करने का दोनों महिलाओं का शौक है।
स्वाति ने बनाई जींद में फर्जी रेड की योजना
पुलिस के अनुसार स्वाति मूलरूप से निर्जन गांव की रहने वाली है। उसके पिता बिजली निगम में जेई हैं। फिलहाल उनका परिवार कैथल में रहता है। ऐसे में स्वाति जींद से भलीभांति परिचित थी। स्वाति ने ही श्वेता को बताया कि जींद में व्यापारियों को डराना आसान रहेगा। इसके बाद जींद में रेड की।
मैढ सुनार सभा ने डीएसपी से मिलकर एसआईटी से जांच करवाने की मांग की
मैढ सुनार सभा ने डीएसपी पुष्पा खत्री से मिलकर इस मामले की जांच एसआईटी से करवाने की मांग की है, ताकि पूरे गिरोह के सरगना को पकड़ा जा सके। डीएसपी ने सुनार सभा के सदस्यों को इस मामले में गहनता से जांच का आश्वासन दिया। इन लोगों ने मांग की कि आगे भी यदि कोई सही रेड होती है तो उसमें बाजार का एक प्रधान व जिला प्रशासन का एक अधिकारी साथ होना चाहिए।
छोटी और खाली दुकान को बनाना था निशाना
दोनों महिलाओं ने योजना बनाई थी कि वे छोटी व खाली दुकान को निशाना बनाएंगी। ऐसी दुकान का मालिक जल्दी डर जाएगा और पैसे व जेवर आसानी से मिल जाएंगे। योजना के अनुसार ही रवि की दुकान को निशाना बनाया गया। जिस समय महिलाओं ने यहां जांच शुरू की, दुकान पर सिर्फ एक ही व्यक्ति था।
दिल्ली निवासी दोस्त तक पहुंचने की जुगत में पुलिस
अब दोनों महिलाओं को पकड़ने के बाद पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंचने के प्रयास में है, जिसने दोनों महिलाओं को इस काम में लगाया। पुलिस को अंदेशा है कि वह व्यक्ति कई वारदातों को अंजाम दे चुका होगा। ऐसे में उस तक पहुंचने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।
चार दिन के रिमांड पर ली गईं महिलाएं
दोनों महिलाओं को अदालत से चार दिन के रिमांड पर लिया है, ताकि इस गिरोह के बड़े सरगना तक पहुंचा जा सके। गिरोह के सरगना को पकड़ने के लिए छापामारा जा रहा है। रिमांड के दौरान महिलाओं और गिरोह के बड़े सरगना ने कहां पर इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है इसके बारे में पूछताछ की जाएगी।
जितेंद्र सिंह खटकड़, डीएसपी, उचाना।
डीएसपी पुष्पा खत्री से एसआईटी गठित करने की मांग को लेकर मिलने पहुंचे मैढ सुनार सभा के सदस्य।- फोटो : Jind