जींद। लघु सचिवालय परिसर में शनिवार को द्वितीय नागरिक सुरक्षा अभ्यास के तहत ऑपरेशन शील्ड के तहत मॉक ड्रिल आयोजन किया गया। वहीं, रात आठ बजे से लेकर सवा आठ बजे तक ब्लैक आउट का भी लोगों से आह्वान किया गया था, लेकिन ब्लैक आउट का असर देखने को नहीं मिला। अर्बन एस्टेट में रात आठ बजे के बाद चल रहे झूला मेला में लाइटों की रोशनी जगती रही और डीजे बजते रहे। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट और घरों में भी लाइट जलती रही।
एसडीएम सत्यवान मान ने कहा कि ऑपरेशन शील्ड का उद्देश्य आपात स्थिति में तैयारी और रिस्पॉन्स को बेहतर बनाना है। साथ ही ऑपरेशन शील्ड के दौरान सायरन की सक्रियता की जांच की गई और अन्य विभिन्न प्रकार की गतिविधियां भी आयोजित की गई।
उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को घबराने की आवश्यकता नहीं है। इसमें सिर्फ स्थिति से निपटने के लिए सरकारी एजेंसियों की तैयारियों का मूल्यांकन करना होता है। एसडीएम सत्यवान सिंह मान ने कहा कि अगर कोई आपातकालीन स्थिति आती है तो उस समय जिला प्रशासन के सहयोग से बचाव दलों द्वारा घायलों को जल्द से जल्द उपचार के लिए अस्पताल भेजा जाता है। ऐसी स्थिति में हिदायतों अनुसार सभी घायलों की प्राथमिक उपचार के साथ-साथ हर प्रकार से मदद करनी होती हैै।
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग, होमगार्ड, एनसीसी, स्वास्थ्य विभाग की टीम, फायर बिग्रेड जैसे महत्वपूर्ण विभागों द्वारा इसका अभ्यास किया गया। सभी विभाग किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहे। किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए अधिकारी व कर्मचारी अपने विभाग से संबंधित सभी प्रबंध पूरे रखें और ऐसी किसी भी आपदा से निपटने के लिए सदैव सतर्क रहें।
उन्होंने कहा कि ऐसी आपदाओं से निपटने के समय साधनों के साथ-साथ आपसी तालमेल की अधिक आवश्यकता रहती है और सभी विभाग आपस में बेहतर तालमेल स्थापित करें। उन्होंने कहा कि लोगों की सकारात्मक भूमिका से आपदा से निपटने तथा जान और माल के नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलता है। इस मौके पर डीएसपी जितेंद्र कुमार भी मौजूद रहे।
आपातकाल में घबराएं नहीं, अपनी जान से साथ दूसरों की भी करें सुरक्षा : एसडीएम
जुलाना। कस्बे के तहसील कार्यालय में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जुलाना एसडीएम होशियार सिंह ने कहा कि किसी भी प्रकार की आपदा के दौरान आमजन की जानमाल की सुरक्षा में हर नागरिक की बहुत बड़ी भूमिका होती है।
सीमाओं पर सेना हमारी रक्षा करती है और देश के आंतरिक हिस्सों में प्रशासनिक अमले के साथ में सिविल डिफेंस वाॅलंटियर्स हमारी मदद करते हैं। एसडीएम ने कहा कि आपदा प्राकृतिक या मानव निर्मित किसी भी प्रकार की हो सकती है। दोनों ही हालातों में हमें अपनी जान माल की सुरक्षा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को आपदा के समय समाज सेवा के लिए तैयार रहना चाहिए। अपने आसपास यदि कोई असुरक्षित महसूस कर रहा हो तो उसका जीवन बचाने में मदद करनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर कुंज बिहारी ने आपदा के समय जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर तहसीलदार शालिनी लाठर, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रतीक कुमार, थाना प्रभारी रविंद्र सिंह भी मौजूद रहे।