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भाजपा ने प्रदेश की जनता का खोया विश्वास: दीपेंद्र हुड्डा

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बद्दोवाल टोल पर किसानों को संबोधित करते दीपेंद्र हुड्डा। संवाद - फोटो : Jind
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बेशक भाजपा विधानसभा सत्र में विश्वास हासिल करने में सफल हो गई हो, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव में सभी चेहरे बेनकाब हो गए हैं। जिम्मेदारी वाले पदों पर बैठे लोग देश की प्रजा का मजाक उड़ा रहे हैं। यह मजाक उड़ाना भाजपा को महंगा पड़ेगा। यह बात कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने खटकड़ टोल पर चल रहे किसान धरने पर पहुंचे कही।
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उन्होंने कहा कि जो हम किसान के हक में हैं की बात करते थे वे विधानसभा में जाकर सरकार के सामने नतमस्तक मिले। जब किसान व कुर्सी की बात आई तो इन लोगों ने कुर्सी को चुना। लोकतंत्र में यह अच्छी बात है कि लोग यह जान पा कि कौन कहा खड़ा है। सरकार बेशक विश्वासमत चंडीगढ़ में हासिल कर ली हो, लेकिन हरियाणा की जनता का विश्वास उसी दिन खो दिया है। सरकार में जजपा के विधायक देवेंद्र बबली खुद कहते नजर आए थे कि लोगों में इतना भारी रोष है कि हम लोहे के हेलमेट व लोहे के कपड़े डाले बिना जनता के बीच में जाने की हालत में नहीं हैं। देश की आजादी के बाद यह सबसे बड़ा किसान आंदोलन हुआ है। शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे किसानों के इस आंदोलन को सरकार नजरअंदाज कर रही है। सरकार ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दी हैं। 300 के करीब किसान आंदोलन में मौत का ग्रास बन चुके हैं, लेकिन एक सहानुभूति का शब्द कहना तो दूर की बात है इनके सांसद या मंत्री किसानों की खिल्ली उड़ा रहे हैं। इससे देश के किसानों की भावना को ठेस पहुंचती है।
बद्दोवाल टोल प्लाजा पर दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कृषि कानूनों का किसान हितैषी बताने वाले भाजपा के नेताओं के पास किसान परिवार को सांत्वना देने का भी समय नहीं है। इससे भाजपा के नेताओं ने साबित कर दिया है कि भाजपा सिर्फ बड़े पूंजीपतियों का भला चाहती है। हुड्डा ने कहा कि देश के अन्नदाता ने भाजपा को समर्थन दिया तभी जाकर उन्हें सत्ता की कुर्सी मिली थी। वहीं जब भाजपा कुर्सी पर विराजमान हो गई तो उनके नेताओं ने जनहित के कार्यों को छोड़कर देश को लुभावने सपने दिखा दिखा कर उन्हें भटकाया। फिर कई ऐसी नीतियां सरकार द्वारा लागू की गईं, जिसके बाद हर वर्ग को केवल निराशा ही हाथ लगी। इसके बाद दीपेंद्र ने किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों के घर उझाना व डिंढोली गांव में भी पहुंचे और संबंधित परिवारों को सांत्वना दी।
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ईवीएम नहीं बैलेट पेपर से चुनाव के लिए चलाएंगे मुहिम : सतबीर
खटकड़ टोल पर सर्व जातीय खेड़ा खाप प्रधान सतबीर पहलवान ने कहा कि धरने पर फैसला लिया है कि खटकड़ किसान धरने से एक मुहिम शुरू की जाएगी कि जो भी चुनाव भविष्य में होंगे वह चुनाव ईवीएम से नहीं बल्कि बैलेट पेपर से हों। खटकड़ धरने से शुरू इस मुहिम का पूरे प्रदेश व देश में प्रचार किया जाएगा। धरने पर कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी में एक गांव से एक व्यक्ति को शामिल किया जाएगा। गांव के लोग एक व्यक्ति का नाम गांव से दें। ऐेसे ही महिलाओं को भी कमेटी में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार की हर कोशिश किसान आंदोलन को कमजोर करने में विफल रही है। अब सरकार की कोशिश है कि लोगों को आपस में लड़वाया जाएं। लोगों को किसी तरह से इनके बहकावे में नहीं आना है। किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि किसान टकराव नहीं बल्कि समाधान चाहता है। सरकार की काफी कोशिश रही कि किसान टकराव करें, लेकिन किसान शांति पूर्वक तरीके से अपनी मांगों के लिए धरने पर बैठे हैं। किसान कोई चाव में अपने परिवारों के साथ धरनों पर नहीं बैठा है, बल्कि आने वाली नस्ल व फसल के लिए लड़ाई लड़ रहा है। इस मौके पर विजेंद्र सिंधु, जयप्रकाश खटकड़, सिक्किम सफाखेड़ी, कविता, जोगिंद्र मोर, रामकिशन, प्रियंका, प्रोमिला, नरेंद्र, राजा, काला, मलकीत, सोनू, टेकराम व लीलूराम बडनपुर मौजूद रहे।

किसानों के धरनास्थल पर मौजूद दीपेंद्र हुड्डा। संवाद - फोटो : Jind

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