उचाना। पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस नेता बीरेंद्र सिंह बारिश के जलभराव से खराब हुई फसलों का जायजा लेने के लिए सुरबरा गांव पहुंचे। यहां पर किसानों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना। किसानों ने बताया कि जलभराव होने से फसल खराब हो रही है।
कई दिनों से फसलों में जलभराव है। किसान की आमदन का साधन फसल होती है। फसल खराब होने से आर्थिक नुकसान किसानों को हुआ है। अब भी खेतों में जलभराव है। पत्रकार वार्ता में बीरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार का किसानों से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि वह 10 साल भाजपा सरकार में रह कर आए हैं। भाजपा धर्म, जात पात का नाम लेकर लोगों को अपने पक्ष में कर लिया।
पंजाब और हरियाणा को मिलाकर दोनों राज्य पूरे देश का 40 से 45 प्रतिशत अन्न पैदा करते हैं। पीएम मोदी हवाई सर्वे करके चले गए उन्हें ऊपर से नहीं बल्कि जमीन पर आकर देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेतों में जलभराव होने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। सरकार की नाकामी की वजह से जलभराव फसलों में हुआ है।
जलभराव से जो नुकसान फसल को हुआ उसको लेकर सरकार जितना उत्पादन प्रति एकड़ होता है उसका आकलन कर एमएसपी के अनुसार मुआवजा किसानों को देने चाहिए। किसान पर प्राकृति की मार पड़ी है। किसान के पास खेती आय का स्रोत होती है। बारिश से फसलों को जो नुकसान हुआ है उससे किसान आर्थिक रूप से कमजोर हो गया है। खेतों में अब भी कई-कई फीट पानी भरा है। जलभराव होने से फसल खराब हो चुकी है।
सरकार पुख्ता प्रबंध अगर समय रहती करती तो जो हालात बने हैं वे नहीं बनते। इस मौके पर पूर्व चेयरमैन सज्जन सिंह, हरेंद्र सिंह, गुरनाम पालवां, राजेश खरकभूरा, दीपक डूमरखा, विजेंद्र डूमरखा कलां, सुशील सुरबरा, कुमार अनिल, मंजीत काब्रच्छा, रणधीर मंगलपुर, रिंकू जांगड़ा, पूर्व सरपंच प्रदीप व रामफल झील भी मौजूद रहे।