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Jind News: 104407 एकड़ फसल खराबे का ब्योरा जमा, 15 तक करें शिकायत

Fri, 12 Sep 2025 11:47 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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12जेएनडी22-नरवाना क्षेत्र के गांव फरैण कलां के खेतों में पानी में डूबी फसल। संवाद
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जींद। तेज बारिश के बाद हुए जलभराव को लेकर जिले में 104407 एकड़ फसल पानी में डूब गई है। जिलाभर के 16253 किसानों ने शुक्रवार तक 104407 एकड़ में फसल खराबे का ब्योरा दिया है। जिन किसानों ने अभी तक अपनी खराब हुई फसलों का पोर्टल पर ब्योरा नहीं दिया है वह 15 सितंबर तक ब्योरा दे दें अन्यथा फिर पोर्टल बंद हो जाएगा।
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जिले के नरवाना और जुलाना क्षेत्र में बारिश के बाद हुए जलभराव से सैंकड़ों एकड़ में खड़ी खरीफ की फसल बर्बाद हो गई है। इसको लेकर किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसान रोजाना लघु सचिवालय पहुंचकर प्रशासन से स्पेशल गिरदावरी करवाने की मांग कर रहे हैं। जिले में सबसे ज्यादा नुकसान नरवाना क्षेत्र में हुआ है। वहां पर 6710 किसानों ने अपनी खराब फसल का ब्योरा दिया है। उन्होंने पोर्टल पर 42592 एकड़ में फसल खराब होने की जानकारी दी है।
इसके अलावा जुलाना क्षेत्र में 2130 किसानों ने 14460 एकड़ में फसल खराबा बताया है। वहीं उचाना क्षेत्र में भी 4837 किसानों ने 30092 एकड़ में फसल खराब होने बारे ब्योरा दिया है। खरीफ सीजन की फसलों की गिरदावरी करने की अवधि को सरकार ने 15 सितंबर तक बढ़ा दिया है। पहले यह पांच सितंबर तक पूरी करनी थी लेकिन सरकार ने निर्देश दिए कि जलभराव से फसलों को नुकसान का आंकलन करने के लिए निर्धारित तिथि के बाद ही गिरदावरी करें।
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ऐसे में अब पटवारी फसल खराबे की रिपोर्ट भी तैयार कर ऑनलाइन अपलोड करेंगे। इसके बाद कानूनगो द्वारा वेरिफिकेशन की जाएगी। फिर तहसीलदार, एसडीएम और डीसी भी खुद वेरिफिकेशन करेंगे।
ब्लॉक अनुसार फसल खराबे का ब्योरा
ब्लॉक-गांव-किसान-क्षेत्र
सफीदों-27-78-629
पिल्लूखेड़ा-26-296-2300
अलेवा-26-363-2548
जींद-65-1946-11784
जुलाना-30-2130-14460
उचाना-47-4837-30092
नरवाना-59-6710-42592
कुल-280-16253-104407
वर्जन
जलभराव से खराब फसलों के नुकसान का ब्योरा क्षतिपूर्ति पोर्टल पर डाला जा रहा है। अब तक 104407 एकड़ में फसल खराबा दिखाया जा चुका है। जिले में क्षतिपूर्ति पोर्टल 15 सितंबर तक खुलेगा। यदि कोई किसान फसल खराब का ब्योरा दिए बगैर रहता है तो वह तुरंत पोर्टल पर जानकारी अपलोड करवा दें। -राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी जींद
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