बिशनपुरा गांव निवासी सिक्किम में तैनात 38 वर्षीय अमरनाथ सिंह की सड़क हादसे में मौत हो गई। मंगलवार को उनके पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अमरनाथ सिंह दो नवंबर को दो महीने की छुट्टी काटकर ड्यूटी पर गए थे। रविवार रात को पोस्टिंग पर जाते वक्त उनकी गाड़ी खाई में गिर गई, जिससे उनकी मौत हो गई। परिजनों को सोमवार सुबह सात बजे इसकी सूचना मिली।
अमरनाथ सिंह के भाई जगन्नाथ के अनुसार वह नवंबर महीने में छुट्टी काटकर ड्यूटी पर गए थे। रविवार रात को पोस्ट पर ड्यूटी के लिए जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी खाई में गिर गई। रात को सूचना मिली थी कि अमरनाथ सिंह को पैर में चोट लगी है, लेकिन सुबह फोन आया कि उनकी मौत हो गई। उनका पार्थिव शरीर मंगलवार को गांव में आएगा। अमरनाथ सिंह के दो बच्चे हैं। बेटी चौथी कक्षा में तो बेटा पहली कक्षा में पढ़ता है।
होली पर घर आने का किया था वादा
अमरनाथ सिंह की पत्नी सोनाली ने बताया कि शनिवार को ही उनसे बात हुई थी। उन्होंने होली पर छुट्टी आने के लिए कहा था। लेकिन किसी को नहीं पता था कि इससे पहले यह सूचना आ जाएगी।
गांव में पसरा मातम
अमरनाथ सिंह की मौत की खबर आते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। ग्रामीणों ने बताया कि अमरनाथ सिंह बहुत ही मिलनसार थे। वह जब भी गांव में आते, हर व्यक्ति से मिलते थे। वह गांव के युवाओं को नशे व अन्य बुराइयों से बचने के लिए प्रेरित करते थे।